ठंड से युवक की मौत होने का अंदेशा, नमाज से पहले रोड खाली कराया तो पता लगा
नहीं हो सकी मृतक की शिनाख्त, शव जिला अस्पताल की मोरचरी में रखवाया गया
बरेली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जारी हाई अलर्ट की शुक्रवार को पोल खोल गई। एक युवक की लाश करीब 24 घंटे से एसपी सिटी दफ्तर के पास पड़ी थी। मगर पुलिस को इसकी जानकारी शुक्रवार दोपहर को नौ महला मस्जिद की ओर अफसरों का मूवमेंट बढ़ने पर हुई। मौके पर जुटी भीड़ ने ठंड की आशंका से उसकी मौत की आशंका जताई। फिलहाल उसका शव जिला अस्पताल की मोरचरी में रखवाया गया है।
शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे नावल्टी तिराहे के पास अफसरों का मूवमेंट बढ़ने लगा तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस ने रास्ते के अवरोधक हटाने शुरू किए। इसी बीच कई दिन से बंद एक दुकान के चबूतरे पर कोई पड़ा दिखा, जिस पर मक्खियां मंडरा रही थीं। पुलिसकर्मियों ने उसे आवाज देकर जगाने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो चादर हटाई। तब स्पष्ट हुआ कि उसकी तो मौत हो चुकी है। मृतक की उम्र करीब 30 साल रही होगी। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि यहां स्मैकिया भी टहलते रहते हैं। वे लोग इसे बृहस्पतिवार पड़ा देख रहे थे लेकिन सोचा कि कोई नशेड़ी रहा होगा। लोगों ने आशंका जताई कि ठंड और बीमारी के चलते उसकी मौत हुई होगी। कोई भी उसकी शिनाख्त नहीं कर सका तो उसका शव जिला अस्पताल भिजवा दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर मौत 24 घंटे से पहले होना बताय। मगर मौके पर लोग यह चर्चा करते दिखे कि हाईअलर्ट के बीच भी पुलिस को 24 घंटे से पड़ा शव नजर नहीं आया जबकि चंद कदमों पर एसपी सिटी का दफ्तर और कोतवाली है।