बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में मानव तस्करी के एक मामले में पुलिस के एफआर लगाने पर उठ रहे सवालों की जांच को मानवाधिकार आयोग की दो सदस्यीय टीम ने आईपीएस अफसर के नेतृत्व में बरेली आकर जांच की। टीम ने बरेली और रामपुर में सभी पहलुओं पर जांच की। गुरुवार को टीम लौट गई।
रामपुर की मूल निवासी एक महिला काफी समय से इज्जतनगर क्षेत्र के एक गांव में रह रही है। पिछले साल उसने प्रधान समेत तीन लोगों को नामजद करते हुए करीब 15 लोगों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप था कि वह भीख मांगकर गुजारा करती है। ये लोग उसकी भीख के रुपये छीन लेते हैं। उससे आए दिन दुष्कर्म करते हैं। इनका काम छोटे बच्चों को उठाकर बेचने का है। उसकी बेटी को भी उठाकर ले जा चुके हैं। इस मामले में विवेचना के बाद पुलिस को आरोप भ्रामक मिले तो एफआर लगा दी गई। महिला ने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। आयोग की ओर से आईपीएस अधिकारी सुमेधा द्विवेदी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम ने बरेली और रामपुर में मामले की जांच की। सीओ थ्री अभिषेक वर्मा ने बताया कि गुरुवार को टीम दिल्ली लौट गई है।