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20 रुपये की डुप्लीकेट चाबी.. एक चक्कर पर दस हजार का खेल

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टैंकरों के लॉक खोल रास्ते में करते थे खेल
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एक टैंकर से करीब 200 लीटर डीजल चोरी कर 50 रुपये के रेट में बेचते थे ड्राइवर

बरेली। टैंकरों से डीजल चोरी के लिए ड्राइवरों ने डुप्लीकेट चाबी बनवा रखी थी। पुलिस ने पकड़े गए ड्राइवर से एसी ही एक चाबी बरामद की है। वहीं, डीजल चोरी का धंधा करने वालों ने पूरा नेटवर्क बना रखा था। टैंकर ड्राइवर को डीजल की कीमत 40-50 रुपये लीटर दी जाती थी, लेकिन टैंकर रुकवाकर ड्राइवर को डीजल निकालने के लिए राजी करने वाले को 400 रुपये कमीशन मिलता था।
भमोरा पुलिस ने सोमवार शाम आंवला-भमोरा मार्ग पर कुड्ढा गांव के पास पिथौरागढ़ जा रहे दो टैंकरों से डीजल चोरी पकड़ी थी। मौके से रिठौरा निवासी टैंकर ड्राइवर विशन यादव को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्ति निरीक्षक ललित श्रीवास्तव ने ड्राइवर विशन यादव, नरेश, हरीश, संजीव टूटा, फकरे के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार ड्राइवर विशन यादव को जेल भेज दिया। उसके कब्जे से टैंकर की डुप्लीकेट चाबी भी बरामद हुई है, इसी से डीजल की चोरी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक टैंकर की दो चाबियां होती हैं, इनमें से एक डिपो और दूसरी पेट्रोलपंप पर रहती है। मगर धंधेबाज ड्राइवरों से डुप्लीकेट चाबी बनवाकर डीजल चोरी का पूरा नेटवर्क चला रहे हैं। पुलिस ने मौके से फरार दूसरे टैंकर के ड्राइवर के बारे में भी जानकारी जुटा ली है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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मिलावट करके होती थी मोटी कमाई
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि डीजल चोरी कराने वाले ड्राइवर को 40-50 रुपये प्रति लीटर कीमत देते थे। फिर उसमें मिलावट करके बिक्री की जाती थी। इस तरह उन्हें मोटी कमाई हो जाती थी। वहीं, टैंकर चालकों को रुकवाने की जिम्मेदारी एक आरोपी के पिता की थी। वह टैंकर रुकवाकर ड्राइवर से सेटिंग करता था। इसके एवज में प्रति टैंकर उसे 400 रुपये दिए जाते थे।
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