लखीमपुर खीरी। जनपदीय बेसिक शिक्षा एवं कस्तूरबा गांधी क्रीड़ा प्रतियोगिता का दूसरे दिन बुधवार को समापन हो गया। इसमें 115 अंक हासिल कर निघासन ब्लॉक चैंपियन बना है। रमियाबेहड़ ब्लॉक ने 82 अंक हासिल कर दूसरा स्थान बनाया, जबकि 54 अंक पाकर पलिया ब्लॉक तीसरे स्थान पर रहा है। दूसरे दिन भी अव्यवस्था हावी रही। कई प्रतियोगिताएं महज खानापूर्ति करते हुए पूरी कर ली गईं। दौड़ के दौरान पसगवां ब्लॉक की एक छात्रा बेहोश होकर मैदान पर गिर गई, जिसे आनन-फानन में जिला अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा कुछ अन्य बालिकाएं गिरकर चोटिल हुई।
पुलिस लाइंस ग्राउंड में दूसरे दिन खेलों में प्राथमिक स्तर की 50 मीटर दौड़ बालक वर्ग में निघासन के मनीष प्रथम और बालिका वर्ग में रमियाबेहड़ की पार्वती प्रथम स्थान पर रहीं। 100 मीटर दौड़ बालक में निघासन के मनीष प्रथम और बालिका वर्ग में लखीमपुर की इरम प्रथम स्थान पर रही। लंबीकूद बालक में निघासन के मनीष और बालिका में निघासन की राजवी प्रथम स्थान पर रहीं। कबड्डी बालक में निघासन की टीम विजेता बनी, जबकि रमियाबेहड़ उपविजेता बना। बालिका वर्ग में रमियाबेहड़ की टीम विजेता रही और बिजुआ टीम उपविजेता रही। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की टीमों के बीच प्रतियोगिता 100 मीटर रेस में बेहजम की गुलफ्शां बानो प्रथम, पलिया की खुश्ब ूराणा द्वितीय और ईसानगर की पूजा तृतीय स्थान पर रहीं। लंबी कूद में निघासन की नेहा प्रथम, पलिया की नेहा द्वितीय और मोहम्मदी की शिवानी तृतीय स्थान पर रहीं। योगासन में ईसानगर की टीम प्रथम, फूलबेहड़ द्वितीय और नकहा तीसरे स्थान पर रहीं। गोला क्षेपण में बिजुआ की सहर बानो ने पहला, पलिया की सुनहरा ने दूसरा और नकहा की मोंटी ने तीसरा स्थान पाया। वॉलीबॉल में मड़ुवा पश्चिम पलिया की टीम विजेता रही। जूनियर स्तर की वॉलीबॉल बालक प्रतियोगिता में लखीमपुर की टीम विजेता रही और बालिका वर्ग में भी लखीमपुर की टीम ने पलिया को हराकर खिताब अपने नाम किया। विजेता खिलाड़ियों और टीमों को बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह समेत बीईओ ने मेडल देकर सम्मानित किया। व्यायाम शिक्षक विवेक गुप्ता, उमा सिंह समेत निर्णायक मंडल के सदस्यों ने पूरी तत्परता से रिजल्ट तैयार किया।
आरआई ने बंद कराया साउंड सिस्टम
पुलिस लाइंस ग्राउंड में इस बार प्रतियोगिता बेमजा रही। अफसरों की बेरुखी रही। तो आरआई ने रंगरूटों की परीक्षा का हवाला देकर खेल प्रतियोगिता का साउंड सिस्टम बंद करा दिया। इससे कार्यक्रम संचालन में दिक्कतें आईं। साउंड सिस्टम के चालू न होने से बच्चों को भी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जिससे कई बच्चे प्रतियोगिता में शामिल होने से वंचित हुए।