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फालोअपः नसबंदी के बाद विवाहिता की मौत

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नसबंदी के टांकों में सेप्टिक होने से हुई थी मानवती की मौत
क्रासर
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में हुई पुष्टि
पुलिस बोली स्वास्थ्य विभाग की ओर से पत्र मिलने के बाद दर्ज करेगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। नसबंदी के बाद विवाहिता की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टांकों में सेप्टिक होने की वजह से मौत होना सामने आया है। हालांकि पुलिस ने मामले की रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं की है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच का इंतजार कर रही है।
बुधवार को थाना बिशारतगंज के गांव खजुआई की मानवती पत्नी नन्हें लाल की नसबंदी कराने चार दिन बाद मौत हो गई थी। एक आशा ने उसकी चौकी चौराहा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में नसबंदी करा दी थी। 16 नवंबर को नसबंदी हुई और उसी शाम से ही मानवती की हालत बिगड़ने लगी। परिवार वालों ने आशा बहू से कहा तो उसने कहा कि ऐसा होता है कल सुबह तक ठीक हो जाएगी और अपने पास से कुछ दवाइयां खाने को दे दी। मानवती की हालत में जब कोई सुधार नहीं हुआ तो परिवार वालों ने आशा से फि र कहा, लेकिन वो टाल मटोल करती रही। बुधवार की सुबह हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवार वालों ने 108 एंबुलेंस को फ ोन किया और जिला अस्पताल ले आए। यहां भर्ती करने से पहले ही आशा बहू फि र पहुंच गई और उन्हें वापस उसी निजी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टर न बैठे होने की बात कहकर अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती करने से मना कर दिया। परिवार वाले आनन-फ ानन में टेंपो से उसे जिला अस्पताल लाकर आए, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में ससुर रामदास ने प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन व आशा बहू के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर दी थी।
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सदर थाना प्रभारी गीतेश कपिल ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं सीएमओ विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी है। शुक्रवार को कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी।
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