इंदिरा मार्केट के अतिक्रमण वाद का सिटी मजिस्ट्रेट ने किया निस्तारण
बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इंदिरा मार्केट में सड़क किनारे लगी दुकानों को हटवाने के लिए जागर संस्था की ओर से दायर किए गए वाद का निस्तारण कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इंदिरा मार्केट में नगर निगम ने पोर्टेबल शॉप आवंटित की हैं और बिजली विभाग ने विद्युत कनेक्शन दिए हैं तो अब वही हटाएंगे।
इंदिरा मार्केट में सड़क के दोनों ओर लगी दुकानों को लेकर लंबे समय से घमासान मचा है। पिछले दिनों जागर संस्था के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार ने इन्हें अतिक्रमण बताते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया था। उन्होंने उच्च न्यायालय के मामला का हवाला देते हुए सड़क किनारे फुटपाथ पर दुकानें आवंटित करने को गलत ठहराया था। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने बृहस्पतिवार को निर्णय में कहा कि शिकायत के परिपेक्ष्य में स्थलीय निरीक्षण किया गया और कोतवाली इंस्पेक्टर से भी जांच कराई गई। इसमें सामने आया कि पोर्टेबल शॉप नगर निगम द्वारा आवंटित की गई हैं और नगर निगम ने उन्हें लाइसेंस दिया है। साथ ही बिजली विभाग ने उन्हें विद्युत कनेक्शन दिए हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के निर्णय के क्रम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब नगर निगम ही करेगा और बिजली विभाग कनेक्शन हटाएगा।
निगम के दावों पर फिर उठे सवाल
नगर निगम में इंदिरा मार्केट की पोर्टेबल शॉप को लेकर पिछले दिनों काफी घमासान हुआ था। निगम अफसरों ने साफ कह दिया था कि दुकानें नगर निगम ने आवंटित नहीं की हैं। मगर इस निर्णय में सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानें नगर निगम द्वारा ही आवंटित करने की बात कही है। इससे नगर निगम अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।