बरेली। चौपुला चौराहे पर दीपमाला अस्पताल से सटी गुप्ता पेंट स्टोर और गुप्ता आयुर्वेदिक स्टोर में रविवार देर रात यूपीएस में शार्टसर्किट से आग लग गई। इससे दुकानों में रखा माल पूरी तरह नष्ट हो गया। नजदीकी अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों में भी हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने करीब एक घंटे मशक्कत के बाद आग को काबू किया।
दीपमाला अस्पताल से सटा भवन नवल किशोर गुप्ता का है। इसमें उनका गुप्ता पेंट्स स्टोर व गुप्ता आयुर्वेदिक दवा स्टोर है। दुकानों के ऊपर आवास है। रात करीब पौने दो बजे पेंट्स स्टोर में लगे कंप्यूटर के यूपीएस में शार्टसर्किट से आग लग गई। कंप्यूटर के बाद पेंट के डिब्बों में आग लगी तो दुकान में धुआं भर गया। यह धुआं जब ऊपर पहुंचा तो दुकान मालिक को आग लगने का पता लगा। आसपास के तमाम लोग दुकान के नीचे पहुंच गए। तब नवल किशोर नीचे आए और पुलिस व फायरब्रिगेड को सूचना दी। थोड़ी ही देर में कोतवाली पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल टीम ने शटर खोलकर आग बुझानी शुरू की। हालांकि पेंट में मिश्रित केमिकल की वजह से आग काफी फैल चुकी थी। पेंट्स की दुकान के साथ में बगल की आयुर्वेदिक दवा की दुकान भी पूरी तरह जल गई। घंटे भर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल विभाग की टीम को दुकान में किसी तरह के अग्निशमन उपकरण नहीं मिले।
मरीज और तीमारदार रहे दहशत में
आग लगने से पड़ोस के दीपमाला अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों में दहशत का माहौल था। कई तीमारदार बाहर निकल आए और फायर स्टाफ की मदद करने लगे। अस्पताल के स्टाफ ने भी मदद की। सभी की कोशिश थी कि आग जल्दी काबू हो जाए ताकि अस्पताल पर कोई असर न पड़े। एक ही दमकल से आग पर काबू पा लिया गया। रात होने की वजह से पर्याप्त रास्ता और मौके पर पानी उपलब्ध हो गया तो घंटे भर में आग पूरी तरह बुझा ली गई।
बिजली सप्लाई कटवाने को जूझे
शार्टसर्किट की वजह से लगी आग में मौके की बिजली सप्लाई कटवाना सबसे ज्यादा जरूरी था। इसके लिए दुकान मालिक और स्थानीय लोगों ने कई बार उपकेंद्र पर कॉल की पर फोन नहीं उठा। इसके बाद दुकान मालिक खुद बाइक से उपकेंद्र पर पहुंचे तो वहां सन्नाटा था। काफी मशक्कत के बाद सप्लाई कटवाई जा सकी। इसके बाद दमकल ने आग बुझाने का काम कायदे से शुरू किया।
मौके पर तत्परता से पहुंचकर अग्निशमन विभाग की टीम ने आग को काबू कर लिया। पेंट्स में आग लगने की वजह से थोड़ी दिक्कत आई। नजदीक में अस्पताल होने से भी आग के भड़कने पर ज्यादा नुकसान का खतरा था पर समय रहते आग बुझा ली गई।
- सोमदत्त, अग्निशमन अधिकारी