बरेली। ई-रिक्शा लूट के मामले में बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बजाय पीड़ित और उसके भाई को ही फंसाने का तानाबाना बुन लिया है। पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती है तो पुलिस ने उसके भाई को थाना में बैठा लिया है। परिवार की महिलाएं थाने के चक्कर काट रही हैं।
बीसलपुर के गांव करेली निवासी अवनीश शंखधार जोगी नवादा में किराये पर रहकर अपना ई-रिक्शा चलाते हैं। उनका छोटा भाई संदीप भी यहां रहकर ई-रिक्शा चलाता है। चार अक्तूबर की रात अवनीश ई-रिक्शा लेकर सेटेलाइट स्टैंड के पास सवारी का इंतजार कर रहे थे। अवनीश के मुताबिक, तभी दो लोग आए और ई-रिक्शा लेकर चलने को कहा। एक जगह पर उन्हें कुछ खिला दिया। बेहोश होने पर उन्हें वनखंडी नाथ मंदिर के पास छोड़कर ईरिक्शा ले गए। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस ने उनमें से एक को पकड़ लिया। उसने पुलिस को अपने बचाव में उल्टी कहानी बता दी। कहा, अवनीश ने रिक्शा चोरी का बताकर उसे पांच हजार रुपये में बेच दिया था। इसके बाद पुलिस ने उनके भाई संदीप को थाने में बैठा लिया है। अब पुलिस उन्हें भी फंसाने के मूड में है। जबकि ई-रिक्शा का पंजीकरण उन्हीं के नाम है।