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नजीब उस दोस्त के घर ही नहीं गया जिसके बारे में अपनी मां को बताया

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बहेड़ी/रिछा। पुलिस की छानबीन में पता चला कि नजीब अपने उस दोस्त के घर पहुंचा ही नहीं जहां से कॉपी लेने की बात अपनी मां को बताकर गया था। सहपाठियों से इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने आवारा किस्म के कुछ लड़कों को उठाया है उनसे पुलिस को कुछ साक्ष्य भी मिले हैं।
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नजीब के शव की हालत देखकर अफसरों का मानना है कि किसी खुन्नस में उसे मारा गया है। नजीब का मोबाइल गायब होने का कारण भी तलाश किया जा रहा है। कॉलडिटेल की जांच और कुछ लोगों से बात करने के बाद एसपी देहात डॉ. संसार सिंह और एसपी क्राइम रमेश भारतीय नजीब के स्कूल पहुंचे। वहां स्टाफ से बात करने के बाद दो छात्रों को थाने लाए। पता लगा कि नजीब उस दोस्त के घर नहीं गया जिसके यहां मां मुजम्मिल जहां को बताया था। उसने दो दोस्तों से कहा कि उसका पिछले दिनों कुछ लड़कों से झगड़ा हो गया था। उन्होंने उसे कब्रिस्तान में बुलाया है। वह उसके साथ चलें। दोस्तों ने उसे बाइक से कब्रिस्तान के बाहर तक छोड़ दिया और खुल लौट आए। पुलिस ने छात्रों को तो छोड़ दिया पर कस्बे के छह लड़कों को अलग-अलग स्थानों से उठा लिया। इनसे पूछताछ की गई। इनमें से दो शक के घेरे में हैं। पता चला है कि लड़की के किसी मामले में नजीब के ननिहाल वालों को कुछ जानकारी थी।

दो बटन कराएंगे कातिल की पहचान
नजीब को गोली मारने की बात कही जा रही थी पर पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि गला दबाकर हत्या की गई है। शरीर में कई जगह धारदार हथियार से चोट की है। कई हड्डियां टूटी मिलीं। कपड़े फटे और शर्ट के बटन टूटे पड़े थे। दो बटन किसी और की शर्ट के भी टूटे पड़े थे। पुलिस इनके सहारे कातिल तक पहुंच सकती है।
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