बरेली। जोन और राष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिता की तारीख क्या बदली, रुहेलखंड विश्वविद्यालय को न सिर्फ अपनी इज्जत बचाने का मौका मिल गया बल्कि वह कई सवालों के निशाने पर आने से भी बच गया। दरअसल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक तैयार न होने की वजह से अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता कराने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के लिए सिरदर्द बनी हुई थी लेकिन जोन और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता टलते ही विश्वविद्यालय ने अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता को भी दिसंबर तक के लिए टाल दिया। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक सिंथेटिक ट्रैक भी तैयार हो जाएगा।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की इन दिनों खेल प्रतियोगिताएं चल रही हैं। इसी के तहत 17 अक्तूबर को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स स्टेडियम में महिला और पुरुष वर्ग की अंतर महाविद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता होनी थी जो फिलहाल न सिर्फ निर्माणाधीन है बल्कि उसका निर्माण भी इतनी धीमी गति से हो रहा है कि दस दिन बाद यहां प्रतियोगिता हो पाना संभव ही नहीं था। ऐसे में अपनी इज्जत बचाने के लिए विश्वविद्यालय के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था कि वह किसी और ग्राउंड का इंतजाम करता। चूंकि सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा होने में दो महीने से ज्यादा समय लगने के आसार हैं, इसलिए कई दिनों से विश्वविद्यालय के क्रीड़ा विभाग के अधिकारी इस मसले पर मगजपच्ची कर रहे थे। इसी बीच नवंबर में होने वाली जोनल और राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिता का समय नवंबर से बढ़ाकर जनवरी 2020 में कर दिया गया। विश्वविद्यालय ने फौरन इस बदलाव का फायदा उठाते हुए अंतर महाविद्यालयी एथलेटिक्स का समय भी 17 अक्तूबर से बढ़ाकर दिसंबर कर दिया। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक सिंथेटिक ट्रैक भी तैयार हो जाएगा।
सात करोड़ से बन रहे ट्रैक पर फिलहाल पत्थर
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सात करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक बनाया जा रहा है। करीब छह महीने पहले इसका काम शुरू हुआ था। मगर काम की धीमी गति होने के चलते अभी यहां काफी कम काम हुआ है और ट्रैक पर सिर्फ पत्थर ही पत्थर नजर आ रहे हैं।
नेशनल लेवल की एथलेटिक्स प्रतियोगिता अब जनवरी में होगी इसलिए अंतर महाविद्यालयी प्रतियोगिता दिसंबर में कराएंगे। तब तक हमारा सिंथेटिक ट्रैक भी पूरा हो जाएगा। बीच में बारिश एवं अन्य आयोजन के चलते इसका काम प्रभावित हो गया था।
- प्रो. एके जैतली, क्रीड़ा सचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय