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कोरोना का खौफः दशहरा मेलों से भीड़ गायब बिना तामझाम जला रावण

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सुभाष नगर के रामलीला मैदान में जलता रावण का पुतला। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। पिछले साल दशहरा मेला में भीड़ की वजह से सभी रास्ते जाम रहते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। शहर में केवल दो जगह ही रावण के दस फुट का पुतले जलाए गए। वह भी बिना किसी तामझाम के। न भीड़भाड़ थी और न आतिशबाजी का धूमधड़ाका। पहले जब पुतला दहन होता था तो आसपास का इलाका रोशनी से जगमग रहता था। देर तक पटाखों की आवाज गूंजती थी।
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शहर में मॉडल टाउन, जोगी नवादा, श्रीकृष्ण लीला ग्राउंड पीलीभीत रोड, चौधरी मुहल्ला, सुभाषनगर, सदर बाजार, आरए बाजार में रामलीला का आयोजन होता है। इन सभी सभी जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के समय दशहरा मेले में अपार भीड़ जुटती थी। यहां तक की रास्ते बंद कर दिए जाते थे। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से सुभाषनगर और चौधरी मुहल्ले में ही रामलीला का रस्म अदायगी भर के लिए मंचन किया गया। सात दिन तक चले मंचन में केवल नाममात्र के ही दर्शक जुटे। दशहरा के दिन पांच फुट के पुतले का दहन किया गया। कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के चलते चौधरी मुहल्ले में होने वाली रानी श्री लक्ष्मीबाई रामलीला का स्थान बदल दिया गया। बीते कई वर्षों से हार्टमैन कॉलेज के पास दशहरा मेला और रामलीला होती थी, उसमें भारी भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार गाइड लाइन के चलते रामलीला की जगह बदल दी गई।

 

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अलखनाथ मंदिर में शंखनाद करते साधु-संत। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

रावण का पुतला दहन कर मनाई विजयदशमी

 शहर में चौधरी मुहल्ले और सुभाषनगर में रावण के पुतले का दहन किया गया। श्री रानी महा लक्ष्मी बाई रामलीला समिति के तत्वावधान में हुई रामलीला का समापन रावण के पुतले दहन के साथ समाप्त हुआ। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपने देश में भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने की परंपरा है। इसके बाद शाम पांच बजे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस मौके पर रामगोपाल मिश्र, धीरेंद्र शुक्ल, ललित अवस्थी आदि उपस्थित थे। सुभाषनगर रामलीला में श्रीराम, लक्ष्मण के स्वरूपों ने रावण के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष अशोक शर्मा, मंत्री आलोक तायल, राजकुमार तिवारी, राजेंद्र सिंह तनेजा आदि उपस्थित थे। सनसिटी विस्तार सोसायटी में बच्चों ने रावण दहन का कार्यक्रम किया। जिसमें अर्णव, अमृत्य, आदित्यांश, अमृतांश, सृष्टि, समीक्षा, हनी, वेदिका, आर्यन आदि बच्चों ने सहयोग किया। हरि मंदिर समिति ने बारात घर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के दस फिट के पुतलों का दहन किया। समिति के महामंत्री रवि छाबड़ा ने बताया कि एक तरह से केवल रस्म अदायगी की गई। इस मौके पर जितिन दुआ, संजय आनंद, दीपक साहनी आदि उपस्थित थे। अलखनाथ मंदिर में महंत कालू गिरि ने हर साल की तरह नीलकंठ पक्षी को आजाद किया। महंत कमलनयन दास ने शास्त्रों की पूजा करके पूजा का महत्व बताया। विश्व हिंदू परिषद के आशु अग्रवाल, गीता सिंह, साधना सिंह, शालिनी जौहरी आदि की उपस्थिति में शस्त्रों की पूजा हुई। सिकलापुर के वार्ड संख्या 64 में बच्चों ने चंदा जुटाकर रावण के पुतले का दहन किया। 
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