बरेली। सिरौली नगर पंचायत ने नौ फर्मों से पहले काम लिया, फिर उनकी जमानत राशि के 26 लाख रुपये को खर्च कर डाला। परेशान ठेकेदार आठ महीने से तहसील-कलक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। शुरुआती जांच में ठेकेदारों की जमानत राशि नियम विरुद्ध खर्च होने की पुष्टि भी हो गई, लेकिन कार्रवाई न कर दूसरी जांच टीम गठित कर दी गई। एसडीएम आंवला की अध्यक्षता में गठित यह टीम अक्तूबर से जांच कर रही है, लेकिन नतीजा सिफर ही है। परेशान ठेकेदार सोमवार को फिर डीएम से मिलने आ रहे हैं।
राजकुमार ने सिक्योरिटी मनी के तीन लाख रुपये वर्ष 2020-21 में जमा किए थे। निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें रकम नहीं लौटाई गई। सय्यद इंटरप्राइजेज ने इसी वर्ष 85 हजार रुपये जमा किए थे, इसे वापस पाने के लिए तय्यब अली परेशान हैं। ठेकेदार आरिफ ने बताया कि उनकी दो फर्म साबरी इंटरप्राइजेज और फाजिल खां की सिक्योरिटी मनी के 11 लाख रुपये अटके हैं।
जांच टीम की सदस्य एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने बताया कि पूर्व में जांच कर रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन कुछ आपत्ति लगाकर जिले से लौटा दी गई थी। अक्तूबर में मुख्य कोषाधिकारी व पीडब्ल्यूडी के अभियंता के साथ जांच करने के निर्देश मिले थे। इसके क्रम में अभी जांच हो नहीं पाई है। एसआईआर व अन्य कार्यों में व्यस्तता भी इसकी वजह रही। संवाद