धन्तिया ग्राम पंचायत का आर आरसी केंद्र का फोटो
मीरगंज। धंतिया गांव में आरआरसी (कूड़ा निस्तारण केंद्र) का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके बावजूद रिकॉर्ड में इसका भुगतान पूरा कर दिया गया है। यही हालत तहसील क्षेत्र में कुछ अन्य केंद्रों के भी हैं। ऐसे में लोगों ने प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि विभाग ने पांच दिन में केंद्रों को चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यही हाल रहा तो तय समय में ये केंद्र कैसे चालू होंगे। वहीं, दूसरी ओर बीडीओ ने बैठक बुलाकर आरआरसी के चालू होने तक ग्राम सचिवों के वेतन रोक दिए हैं।
तहसील क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए केंद्रों की हालत बदहाल है। धंतिया गांव में बने ये केंद्र अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। करोड़ों की सरकारी योजना और लाखों के खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था को सुधारने का सपना धूल में मिल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि धंतिया गांव में 6 लाख 45 हजार रुपये की लागत से बना आरआरसी जर्जर हो चुका है। केंद्र के निर्माण कार्य का पूरा भुगतान निर्माण एजेंसी को कर दिया गया, जबकि काम अधूरा और घटिया निकला है। संवाद
सभी पंचायतों में की जाएगी जांच, कमी निकलने पर होगी कार्रवाई
शनिवार को बीडीओ आनंद विजय यादव ने ब्लॉक सभागार में सभी ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक बुलाई और सख्त निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों के आरआरसी तत्काल चालू किए जाएं। एडीओ पंचायत वीरपाल सिंह ने बताया कि जब तक आरआरसी केंद्र चालू नहीं होंगे, तब तक सभी सचिवों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में निरीक्षण व जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों रामेंद्र सिंह, भगवान सिंह, यशपाल सिंह यादव, मुस्तफा अली का कहना है कि जब तक ये केंद्र चालू नहीं होंगे। स्वच्छ भारत मिशन का असली उद्देश्य कैसे पूरा होगा।