ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि सभी मुस्लिम घर में संविधान रखें, खुद पढ़े और परिवार को पढ़ाए। संविधान की जानकारी होना जरूरी है। बृहस्पतिवार को आला हजरत दरगाह में आयोजित एक गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कही। कहा कि हिंदू-मुस्लिम मिलकर देश को विश्वगुरु बनाएं।
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत निर्माण और आजादी में हिस्सा लेने वालों ने हमें एक मजबूत संविधान दिया है। यह विश्वभर के संविधानों में सबसे अच्छा संविधान है। इसलिए मैं आप सभी मुस्लिमों से कह रहा हूं कि घर में संविधान रखें, यह देश हित में बड़ा काम होगा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों ने देश के लिए लड़ाई लड़ी। हालांकि, ज्ञान के हेरफेर के कारण अब यह माना जाता है कि मुसलमान स्वतंत्रता आंदोलन में अपने हिंदू समकक्षों की तरह सक्रिय नहीं थे।
मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज नूर अहमद अजहरी ने कहा कि मुट्ठी भर लोकतंत्र विरोधी कट्टरपंथियों कई घटनाओं ने बार-बार पूरे समुदाय (मुसलमानों) को देश के प्रति अपनी निष्ठा साबित करने के लिए मजबूर किया है।
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इस्लामियां इंटर कॉलेज के हाजी नाजिम बेग ने कहा कि अगर लोग महात्मा गांधी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए याद करते हैं, तो वे फ्रंटियर गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान को भी याद करते हैं। इस्लामिक रिसर्च सेंटर के मौलाना अबसार राजा, मुफ्ती सिराजुद्दीन कादरी, मौलाना रजी अहमद, कारी तसलीम मंजरी, मौलाना शहादत खां, इकबाल अंसारी समेत अन्य ने विचार रखे।