बाद में नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल राजीव शर्मा ने बताया कि नेहा के बेड पर सुसाइड नोट मिला, जिसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, बुधवार को कोतवाली पहुंचे मृतका के पिता उत्तराखंड के रूड़की के गांव लखनौता निवासी विजेंद्र पाल ने पुलिस को तहरीर दी।
जिसमें उन्होंने बताया कि 22 फरवरी 2023 को पुत्री की शादी रूड़की के एक होटल में की थी। कुछ दिन सब ठीकठाक चलता रहा, मगर उनके आयुष विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद शुभम, उसके पिता रमेश चंद्र, मां वीरमती एक लाख रुपये मायके से लाने का दवाब नेहा पर बनाने लगे।
विजेंद्र पाल ने आरोप लगाया नेहा का पति अक्सर नशे में अक्सर उसकी पिटाई करता था। परेशान होकर पुत्री दो महीने पहले मायके चली आई। रिश्तेदारों और परिजनों के कहने पर कुछ दिन पहले ही उसे ससुराल भेजा। विजेंद्र पाल का आरोप है कि प्रताड़ना से परेशान होकर ही उनकी पुत्री ने जान दी।
उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कांस्टेबल शुभम, उसके पिता डॉ. रमेश, मां वीरमती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इधर, कांस्टेबल शुभम के पिता डॉ. रमेश ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने शराब पीने की शिकायत मिलने पर कई बार कांस्टेबल पुत्र को समझाया था। कोतवाल राजीव शर्मा ने बताया कि तहरीर अभी नहीं मिली है। दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया गया है। नेहा के एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।
पिता का दामाद पर पुत्री का गला दबाने का भी आरोप
नेहा के पिता विजेंद्र पाल ने आरोप लगाया कि नेहा का उसके पति से अक्सर विवाद होता था। दो महीने पहले झगड़ा होने पर शुभम ने नेहा की गर्दन दबाई थी। विवाद बढ़ने पर उन्होंने नेहा को मायके बुला लिया था। हालांकि रिश्तेदारों और परिजनों के दवाब पर पखवाड़ा भर बाद उसे फिर ससुराल भेज दिया। दो दिन पहले नेहा की बात उसकी बड़ी बहन मोनिका से हुई थी। तब मोनिका ने नेहा को समझाया था।
तीन दिन पहले ही आए थे शुभम और नेहा
शुभम के पिता रमेश चंद्र ने बताया कि छह जुलाई को उनके भतीजे का निधन हो गया था। तब शुभम और नेहा भी गांव पहुंचे थे। दो रात घर में रुकने के बाद एक दिन शुभम अपनी पत्नी के साथ ससुराल में भी रहा। 13 जुलाई को दोनों पूरनपुर आए थे।