रो पड़ा सिपाही... बोला गलती हो गई
कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार सिपाही का शुक्रवार को जब चालान किया, तब उसकी पत्नी भी कोतवाली पहुंच गई थी। पत्नी की आंखों में आंसू देखकर सिपाही भी रो पड़ा। सिपाही कोतवाल से बोला, साहब छोड़ दो गलती हो गई। पत्नी गर्भवती है।
लूटपाट के बाद नशे में दिया दूसरी घटना को अंजाम
सिपाही ने लूटपाट की घटना के बाद असम हाईवे के एक ढाबे पर पहुंचकर शराब पी। इसके बाद लूटी गई धनराशि का बंटवारा किया और शराब के नशे में दूसरी घटना को अंजाम दिया। जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर खाते में ट्रांसफर हुए रुपये निकलवाकर उनका भी बंटवारा कर लिया।
शातिर है आरोपी सिपाही
इंस्पेक्टर क्राइम, सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर लूटपाट और धोखाधड़ी कर जबरिया खाते में धनराशि ट्रांसफर कराने की घटना पहली बार नहीं हुई है। जिस सिपाही का चालान किया गया वह काफी शातिर है। हजारा, घुंघचाई थाने में तैनाती के दौरान उसके कई मामले प्रकाश में आए थे।
मूलरूप से हरदोई के थाना अरवल के गांव खजीपुर चैनसिंह निवासी सिपाही राम सिंह ने हजारा थाने में तैनाती के दौरान रिश्वत के नाम पर एक ग्रामीण की बाइक औने-पौने दामों में बिकवा दी थी। मामला संज्ञान में आया तो उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके अलावा घुंघचाई में तैनाती के दौरान भी उसने खूब उत्पात मचाया। एक गंभीर मामले में तो वहां तैनात रहे एसओ ने सिपाही को रात भर हवालात में बंद रखवाया था। माफी मांगने पर उसे छोड़ा गया था।
बताया जाता है कि सिपाही ने कुछ दिन पहले शेरपुरकलां में पहुंचकर गोहत्या के नाम पर भी वसूली की कोशिश की थी। रुपये न मिलने पर उसने इंस्पेक्टर को भ्रमित पर पुलिस टीम से शेरपुरकलां में दबिश भी डलवाई थी। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले रहे जिसमें पीडि़त भयवश शिकायत करने अफसरों तक नहीं पहुंचे।