लगातार जीत रहे संतोष को कांग्रेस ने दी थी शिकस्त
वर्ष 1989 में भारतीय जनता पार्टी से पहली बार संतोष गंगवार विजेता बने। इसके बाद वर्ष 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 तक संतोष काबिज रहे। वर्ष 2009 में कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन ने संतोष से यह सीट झटक ली थी। वर्ष 2014 और 2019 में भाजपा के टिकट पर संतोष ने फिर से जीत का परचम लहराया था।
इस बार बसपा प्रत्याशी घोषित होने का अब तक हो रहा इंतजार
अबकी बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा गठबंधन की ओर से सपा ने प्रवीण सिंह ऐरन को प्रत्याशी घोषित किया है। काफी असमंजस के बाद भाजपा ने भी अपना रुख साफ करते हुए पूर्व मंत्री छत्रपाल गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आंवला संसदीय सीट से भाजपा ने धर्मेंद्र कश्यप, सपा ने नीरज मौर्य, बसपा ने आबिद अली को प्रत्याशी बनाया है।