बरेली। धौराटांडा की आरजू खानम ऐसी मुश्किल में फंस गई हैं जिससे पार पाने का फिलहाल कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। दरअसल आरजू के परिवार के लोग सऊदी अरब में हैं, जिनसे वह मिलने जाना चाहती हैं लेकिन वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र को सत्यापित कराने की शर्त उनकी राह का रोड़ा बन गई है। यूं कोविशील्ड की दोनों डोज लगवाने का ऑनलाइन प्रमाण पत्र उनके पास है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर यह कहकर उसे सत्यापित करने से इनकार कर रहे हैं कि इस बारे में शासन की कोई गाइड लाइन ही नहीं है।
आरजू की तरह तमाम लोग वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बावजूद सऊदी अरब नहीं जा पा रहे हैं। वजह यह है कि हाल ही में सऊदी सरकार ने वैक्सीन की दोनों डोज लगने का सत्यापित प्रमाण पत्र दाखिल करने के बाद ही वीजा क्लियर करने की पाबंदी लागू कर दी है। इसके बाद जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में ऐसे लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का ऑनलाइन प्रमाण पत्र लेकर उसे सत्यापित कराने पहुंच रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर शासन के निर्देशों के बगैर प्रमाण पत्र सत्यापित करने से साफ इनकार कर उन्हें लौटा दे रहे हैं।
बता दें कि कुछ समय पहले तक कोविशील्ड वैक्सीन को कई देशों ने मान्यता नहीं दी थी। इन देशों ने कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद गैर प्रतिरक्षित लोगों के आने पर भी पाबंदी लगा दी थी। तब भी इन देशों की यात्रा करने के इच्छुक लोग अफसरों के चक्कर काट रहे थे। अब जबकि केंद्र सरकार की कोशिशों के बाद कोविशील्ड को सऊदी अरब समेत दूसरे कई देशों ने मान्यता दे दी है तो सऊदी अरब सरकार की नई शर्त की वजह से पेच फंस गया है।
लगवाई है सीरम की वैक्सीन मगर प्रमाणपत्र चाहिए एस्ट्रा जेनिका का
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह का कहना है कि उनके कार्यालय में जो लोग प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए आ रहे हैं, उनसे पता लगा है कि सऊदी अरब सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन को अब भी मान्यता नहीं दी है। इसी वजह से लोग प्रमाण पत्र में सीरम के बजाय एस्ट्रा जेनिका कंपनी की वैक्सीन दर्शाना चाहते हैं। उनके पास सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन लगवाने का प्रमाण पत्र है लिहाजा एस्ट्रा जेनिका की वैक्सीन लगवाने का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता। वैसे भी प्रमाण पत्र का सत्यापन करने के बारे में शासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
आशंका: फर्जी प्रमाण पत्र लेकर उड़ान भर रहे लोग
जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में सोमवार को पहुंचे कई लोगों ने बताया कि उनके कई परिचित स्वास्थ्य विभाग से ही प्रमाण पत्र का सत्यापन कराकर सऊदी अरब गए हैं। नकटिया, फरीदपुर, आंवला, बहेड़ी, नकटिया के रहने वाले कई लोग दुबई भी जा चुके हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि वैधानिक तौर पर इस तरह का कोई प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि लोगों ने फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र सत्यापित करा लिया हो।