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प्रतियोगिता कराई, टीम चुनी.. फिर बोले ये खिलाड़ी खेलने लायक नहीं

Sun, 22 Oct 2017 01:27 AM IST
बरेली।
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हैंडबाल के ‌िख्‍ाखिलाड़ी
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जब सारे लोग दिवाली मनाने की तैयारियों में लगे हुए थे, उसी बीच हैंडबाल खिलाड़ी जालंधर में आयोजित नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में जाने वाली टीम में अपने चयन की जद्दोजहद में लगे रहे। आखिरकार उनकी कोशिशें रंग लाईं, विश्वविद्यालय के पर्यवेक्षक और कोच की मौजूदगी में 12 सदस्यीय टीम चुनी गई, लेकिन शनिवार को जब इस टीम को जालंधर रवाना होना था, तभी इस टीम को यह कहकर रद्द कर दिया गया ये टीम खेलने लायक नहीं है। 12 खिलाड़ियों में से चार को तो बगैर फिजिकल टेस्ट लिए ही फेल कर दिया गया। बुरी तरह मायूस खिलाड़ी दिन भर इधर-उधर टीम भेजने की गुहार करते रहे लेकिन शाम को विश्वविद्यालय के मैदान से सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें धक्के मारकर बाहर कर दिया।
दरअसल, इससे पहले अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता को रद्द कर नॉर्थ जोन प्रतियोगिता के लिए टीम चयन की प्रक्रिया ही टाल दी गई थी। खिलाड़ियों के कई दिन तक जद्दोजहद करने के बाद कुलपति के निर्देश पर एक दिन पहले बरेली कॉलेज में अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता कराकर टीम चुनी गई। मगर इसमें दमखम दिखाकर टीम में अपनी जगह पक्की करने वाले खिलाड़ियों की मेहनत पर अगले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के फिजिकल टेस्ट के नाम पर पानी फेर दिया गया।
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चौथी टीम जो बिना खेले ही नार्थ जोन से हुई बाहर
विश्वविद्यालय की हैंडबाल की यह चौथी टीम थी जो फिजिकल टेस्ट में फेल हुई और नार्थ जोन में बिना खेले ही बाहर हो गई। इससे पहले महिलाओं की वॉलीबाल टीम और खो-खो की टीमों को फिटनेस टेस्ट में फेल बताकर विश्वविद्यालय ने रद्द कर दिया था। शतरंज की टीम तो विश्वविद्यालय की ही लापरवाही से ही नहीं जा पाई। इसके रिकॉर्ड ही कॉलेजों से नहीं मंगाए गए। विश्वविद्यालय के अनुसार हैंडबाल में दो खिलाड़ी ही पचास फीसदी से ज्यादा फिट निकले बाकी बीस फीसदी से भी कम फिट थे। 
 
ऐसे तो कोई टीम नहीं खेल पाएगी नार्थ जोन 
अगर यही हाल रहा तो शायद इस बार नार्थ जोन में विश्वविद्यालय का खाता ही न खुले। क्योंकि अधिकतर कॉलेजों में छात्रों की फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया जाता और जो टीमें चुनकर आएंगी वो फिजिकल टेस्ट में फेल हो जाएंगी। कॉलेजों के क्रीड़ा प्रभारियों का कहना है कि जब टीम विवि की कमेटी चुनती। एक खिलाड़ी में तकनीक देखनी चाहिए न कि फिजिकल टेस्ट 

ये खिलाड़ी चुने गए थे टीम में
बरेली कॉलेज से मोहित राना, शुभम यादव, अमन, राकेश कुमार, गोकुल कुमार, निखिल सिंह, एसबीएम सिरसी से विकास कुमार, अरविंद सिंह, दिपेंद्र सिंह, रजा कॉलेज रामपुर से सुरेंद्र सिंह, आरपीडी कॉलेज से मोबिन अली, दास कॉलेज बदायूं से अरविंद सिंह।

 कुलपति ने भी नहीं सुनी गुहार
खिलाड़ियों ने टीम निरस्त होने के बाद कुलपति से भी गुहार लगाई। जिसपर कुलपति ने उनको यह कह दिया कि क्रीड़ा प्रभारी ही निर्णय लेंगे वो कुछ नहीं कर सकते हैं।

खिलाड़ियों ने लगाए आरोप
खिलाड़ियों का कहना था कि एक दिन पहले उन्होंने पूरे दिन प्रतियोगिता खेली। प्रतियोगिता की थकान उतरने से पहले ही उनको फिजिकल के लिए दौड़ा दिया गया। चार खिलाड़ियों का फिजिकल तक नहीं लिया। बताया भी नहीं गया कि कितने मिनट में दौड़ पूरी करनी है। सिर्फ इतना बताया गया कि बस औपचारिकता पूरी की जा रही है। दोपहर में यह बोलकर कि सब अनफिट हैं, खेल विभाग के सभी लोग चले गए। किसी ने बताया भी नहीं कि अब क्या करना है। शाम को मायूस होकर लौटे खिलाड़ियों ने कहा कि वे अब किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं लेंगे।

वर्जन
कॉलेजों को पहले ही सूचित कर चुके हैं कि फिटनेस टेस्ट लेने के बाद ही टीम भेजी जाएगी। मानकों के अनुसार खिलाड़ी फिट नहीं तो टीम कैसे भेज दें। सिर्फ दो खिलाड़ी ही पचास फीसदी से ज्यादा फिट मिले। अब दो खिलाड़ियों की टीम तो नहीं भेजी जा सकती।
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-प्रो. एके जेटली, क्रीड़ा सचिव विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय के शार्ट नोटिस पर हमने अंतर महाविद्यालय हैंडबाल प्रतियोगिता कराई। अब नार्थ जोन के लिए टीम कैंसिल कर दी इस बात का दुख है। टीम चुनने के लिए विश्वविद्यालय का ही पर्यवेक्षक और कोच आया था। हमारे स्तर से जो हो सकता है वो हमने कर दिया।
-डॉ. अनुराग मोहन, क्रीड़ा प्रभारी बरेली कॉलेज
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