बरेली। दोषपूर्ण बीज देने की वजह से धान की फसल में दाना न पड़ने पर बीज निर्माता कंपनी को किसान को मुआवजा देने पड़ा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी ने किया।
गांव रिछा थाना भुता के रहने वाले देवेंद्र सिंह ने आयोग में अपने वकील करन कुमार कन्नौजिया के जरिये परिवाद दाखिल करके कहा कि उसने सुनील पाठक बीज भंडार से कीर्तिमान एग्रो जेनेटिक्स लिमिटेड के द्वारा उत्पादित गौरी ब्रांड हाईब्रिड धान का बीज 9 हजार 5 सौ रुपये में खरीदा था। परिवादी ने 50 बीघा में इस बीज की पौध रोपी। धान की रोपाई के बाद भरपूर पानी उर्वरक व कीटनाशक का इस्तेमाल किया। उसके बावजूद धान की फसल में दाना नहीं बना। इसकी शिकायत परिवादी ने सुनील पाठक बीज भंडार से की और मौका मुआयना करने का अनुरोध किया। विपक्षी ने निर्माता बीज कंपनी कीर्तिमान एग्रो जेनेटिक्स लिमिटेड के कर्मचारियों को बुलाया और मौका मुआयना कराया। कुछ बाली फसल में निकली थी जिसे हाथ से मसल कर देखा तो उसमें दाना नहीं था। मुआवजा देने का वादा करके वह लोग चले गए और मुआवजा नहीं दिया। उपभोक्ता आयोग ने बीज निर्माता कंपनी कीर्तिमान एग्रो जेनेटिक्स लिमिटेड कंपनी को किसान को फसल में हुए नुकसान के तौर पर 2 लाख 25 हजार 360 रुपये, मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के तौर पर 25 हजार रुपये व मुकदमा खर्च के तौर पर 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया।