संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहले से ही प्रशिक्षकों की कमी थी। अप्रैल में वॉलीबॉल, टेनिस, बास्केटबॉल, जिम्नास्टिक, क्रिकेट, भारोत्तोलन और बॉक्सिंग के कोचों की नियुक्ति की गई थी। उम्मीद थी कि इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार आएगा। अब हाल यह है कि क्रिकेट में 40 पंजीकरण हो चुके हैं, लेकिन कोच का कोई पता नहीं। अप्रैल में नियुक्ति होने के बाद से ही कोच नदारद चल रहे हैं। पंजीकृत खिलाड़ी सीनियर्स से क्रिकेट का ककहरा सीख रहे हैं।
इन खेलों में कोच नहीं
नेटबॉल, शूटिंग, तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी, हैंडबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स में पंजीकरण के लिए खिलाड़ी और उनके परिजन स्टेडियम आ रहे हैं। कोच नहीं होने के कारण वे निराश होकर लौट रहे हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि नियुक्ति के बाद पारिवारिक कारणों की वजह से काेच नहीं आ पा रहे हैं। वैकल्पिक तौर पर सीनीयर खिलाड़ी से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।