भारत को कोई छेड़ेगा तो छोड़ेंगे नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत को कोई आंखें नहीं दिखा सकता। अगर कोई आंख दिखाएगा तो भारत इतनी सामर्थ्य रखता है कि उसकी आंखें निकालकर उसके हाथ पर रखकर वापस कर सकता है। ये नया भारत है, छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई छेड़ता है तो उसे छोड़ता भी नहीं है। नये भारत में आज इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। हाइवे, रेलवे, एयरपोर्ट, वाटर-वे आईआईटी, एम्स, हर जिले में मेडिकल कॉलेज, आईटी पार्क और इसके साथ ही नए तरीके से कार्य कर रहे हैं। सीमाएं सुरक्षित हुईं हैं। नक्सलवाद और आतंकवाद लगभग समाप्त हो चुका है। देश के अंदर कल्याणकारी योजना का लाभ हर वर्ग को बिना भेदभाव मिल रहा है।
1.10 करोड़ नौजवान सीधे नौकरी पाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों लखनऊ में हुई जीबीसी में 10.5 लाख करोड़ के निवेश यूपी में आये हैं। इससे 35 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। ये प्रोजेक्ट जब धरातल पर उतरेंगे तब 1.10 करोड़ नौजवान सीधे नौकरी पाएगा। तब प्रदेश नई पहचान बनाएगा।
महादेव पुल तक नहीं पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री के शहर आगमन के साथ ही कयास लगाए जा रहे थे कि महापौर उनको महादेव पुल तक ले आएंगे। सीएम जब पुल से चंद कदमों की दूरी पर स्थित जीआईसी मैदान पर बने ऑडिटोरियम में आए तो एक बार ऐसा लगा भी। अधिकारी सतर्क हो गए। पुल पर फीता लगा दिया गया, बुके मंगवाए गए। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया लेकिन मुख्यमंत्री चौपुला से श्यामगंज पुल होते हुए लौट गए।
बरेली कॉलेज के मैदान से महादेव पुल के ऑनलाइन लोकार्पण के बाद तय कार्यक्रम के मुताबिक सीएम को वहां से आदिनाथ चौराहे पर जाना था पर वह जीआईसी के ऑडिटोरियम में पहुंच गए। वहां प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। इसके बाद उनके महादेव पुल पर पहुंचने के कयास लगाए जा रहे थे पर वह चौपुला होते हुए लौट गए। इस वजह से वहां जुटे लोग भी निराश होकर लौट गए। मुख्यमंत्री का महादेव पुल तक नहीं पहुंचने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जाम में फंसीं एंबुलेंस, पुलिस ने निकलवाया
पुल के पास भीड़ जुटने की वजह से जिला अस्पताल जा रही एंबुलेंस जाम में फंस गई। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस को निकलवाया। इसके बाद वहां से गुजर रहीं तीन-चार एंबुलेंस और फंसी, जिन्हें बमुश्किल निकलवाया गया।