बरेली। अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का चौथा दिन शास्त्रीय नृत्य और संगीत के नाम रहा। दूरदर्शन और आकाशवाणी के कलाकार के. दामोदर राव और शिष्या बानी राव ने कथक और शास्त्रीय गायन से धूम मचाई। कटनी मध्य प्रदेश से बाल कलाकार प्रांजल परोहा ने तबला की थाप से समा बांधा। वहीं बांग्लादेश के कलाकारों ने नाटक ‘मानुष’ के माध्यम से मानव चरित्र का अविस्मरणीय मंचन किया।
ऑल इण्डिया कल्चरल एसोसिएशन एवं जिला समारोह समिति की ओर से संजय कम्युनिटी हाल में 11वें अंतराष्ट्रीय महोत्सव में असम, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जबलपुर, मध्यप्रदेश बाल और युवा कलाकार सभी ने शास्त्रीय, भरतनाट्यम, बिहू, असमिया और चारू कला नृत्य के माध्यम से एकल और सामूहिक प्रस्तुतियां दीं। सामूहिक, एकल नृत्य में जबलपुर नाटय संस्था पश्चिम बंगाल, राष्ट्रीय नाटय परिषद लखनऊ, त्रिलोचन डांस एकेडमी मध्य प्रदेश, अनन्या, प्रकृति इलाहाबाद, डांस क्लास रसकला संगीत महाविद्यालय कटनी मध्यप्रदेश, सांस्कृतिकगुष्टी, डिबरूगढ़, डांस म्यूजिक बैंक फर्रुखाबाद की टीमों ने प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसआरएमएस के चेयरमैन देव मूर्ति ने की और अध्यक्षता हरीश अनेजा ग्रुप के एमडी अमरपाल सिंह रोम्पी ने की। विशिष्ट अतिथि किप्स के चेयरमैन और संरक्षक देवेंद्र खंडेलवाल रहे।
निर्णायक मंडल में हरजीत कौर, बिलाल मासूम, नाहिद बेग रहे। कार्यक्रम के आयोजन में आईटीएफ के चेयरमैन नरेंद्र पाल गंगवार, जेसी पालीवाल, रजनीश सक्सेना, शैलेंद्र सिंह, प्रभु दयाल शर्मा, मोहम्मद नबी, डॉ. सैय्यद सिराज आदि का सहयोग रहा।