अदालत ने फरहत और उनकी बेटी दोनों का गुजारा भत्ता बढ़ाया
बरेली। मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी को अब कर्ज लेकर बेटी को पढ़ाने की मुश्किल नहीं झेलनी होगी। उनकी अर्जी पर अदालत ने उनका और उनकी बेटी दोनों का गुजारा भत्ता बढ़ा दिया है। अदालत के आदेश पर उनके पति को अब उन्हें पांच हजार और बेटी का आठ हजार रुपये बतौर गुजारा भत्ता हर महीने देने होंगे।
इससे पहले परिवार न्यायालय ने फरहत और उनकी बेटी के लिए 16 सितंबर 2015 को पांच हजार रुपये बतौर गुजारा भत्ता देने का आदेश उनके पति रेहान को दिया थी। फरहत ने गुजारा भत्ता की रकम बढ़ाने के लिए अदालत में दी गई अर्जी कहा था कि उनकी बेटी बिशप कोनराड स्कूल की छात्रा है जहां उसकी पढ़ाई पर ही आठ हजार रुपये खर्च होते हैं। उनकी इतनी आय नहीं है। वह काफी समय तक कर्ज लेकर उसे पढ़ाती रहीं लेकिन अब कर्ज भी नहीं मिल रहा है। मायके वाले भी उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन सबके अपने-अपने परिवार हैं। ऐसे में खुद उनके सामने भी अपना परिवार चलाने की चुनौती है। फरहत ने अर्जी में कहा था कि उनके पति रेहान बड़े कारोबारी हैं और उनका बड़ा मकान है। इस लिहाज से उन्हें और उनकी बेटी को दी जा रही गुजारा भत्ता की रकम बहुत कम है। उन्होंने अदालत से 20 हजार रुपये गुजारा भत्ता दिलाने की फरियाद की थी।
फरहत की अर्जी पर अदालत ने उनकी गुजारा भत्ता की धनराशि तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार और उनकी बेटी रजिया का गुजारा भत्ता तीन हजार से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का आदेश दिया है।