बरेली। बिहारीपुर के करोड़पति परिवार की बूढ़ी अम्मा को अब ठिकाना मिल गया है। जिला अस्पताल में भर्ती वृद्धा को उनके भाई और परिवार के लोग सम्मान से साथ ले गए। अब वह परिवार के साथ रह सकेंगी। दुश्वारी के इन तीन दिनों में मोहल्ले के लोगों ने उनकी काफी मदद की। वहीं अमर उजाला ने भी उनकी वेदना को उजागर किया।
बिहारीपुर के प्रतिष्ठित परिवार की बेटी रंजना गुप्ता सत्तर से ज्यादा उम्र पार कर चुकी हैं। पति से अलग होने के बाद उनका पूरा जीवन मायके में ही कट गया। उनके पांच भाई आर्थिक रूप से काफी संपन्न हैं। इनमें से चार शहर में और एक कासगंज में रहते हैं। रंजना को उनके कासगंज निवासी भाई मंगलवार रात बिहारीपुर में घर के दरवाजे पर छोड़कर चले गए थे। यहां रहने वाले चार भाइयों ने भी उनके लिए दरवाजे बंद कर लिए। सर्दी के इस मौसम में रात में कई घंटे वृद्धा बाहर गली में पड़ी रहीं तो कांग्रेस नेता राकेश सक्सेना के अलावा मोहल्ले के लोगों ने उन्हें सहारा दिया। पुलिस और मोहल्ले के लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। अमर उजाला ने बूढ़ी अम्मा की बेबसी के संबंध में खबर छापी तो बिहारीपुर से उनके भाई व परिवार की कुछ महिलाएं गुरुवार सुबह आकर अस्पताल से वृद्धा को साथ ले गए।
‘रंजना गुप्ता की आयु अधिक होने और कमजोरी के कारण उन्हें जोड़ों के दर्द की समस्या है। इसकी वजह से उन्हें खड़े होने और चलने में दिक्कत है। उनका उपचार किया जा रहा था। गुरुवार को उनके भाई व परिवार के लोग उन्हें साथ ले गए।’
- डॉ. शिवदत्ता, वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल