बरेली। जिले के बीस गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत हुआ है। इन गांवों को हर साल केंद्र सरकार की ओर से बीस-बीस लाख रुपये का बजट ग्राम निधि से अलग दिया जाएगा जिससे गांव में आधारभूत सुविधाओं पर काम होगा। इस बजट से अधूरे कार्य भी पूरे होंगे। यह वो गांव हैं जिनमें 50 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है। योजना के क्रियान्वयन के लिए सीडीओ ने सोमवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इन गांवों में अधूरे पडे़ काम जैसे गैप फिलिंग, पेयजल स्वच्छता, ठोस तथा द्रव अपशिष्ट के निपटान की सुविधाओं की स्थापना, आंगनबाड़ी भवनों में शौचालय निर्माण, सड़क, सोलर लाइट पूरे किए जाएंगे। इसके लिए हर साल बीस-बीस लाख रुपये अलग से दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीडीओ, एडीओ, समाज कल्याण अधिकारी, ग्राम प्रधान आदि लोग शामिल रहे।
चयनित गांव
फरीदपुर ब्लॉक से बरगांव, तराखास, मेवापट्टी, रामनगर के ब्योधन बुजुर्ग, गोठा खंडुआ, आलमपुर जाफराबाद से अलीनगर, वीरपुर, बहेड़ी से उतरासिया, समुखिया, आदलपुर, उगनपुर, उनई खालसा, दमखोदा से बालपुर, चैैरैला चुरई डांडी, जागत डांडी, भुता से बधौली, बड़रा, कासमपुर, इनामतपुर, ककरा खुर्द, नवाबगंज से सदरपुर आदि को चुना गया है।