शिक्षिका को पीटने के आरोपी दंपति।
क्लास में घुसकर लात-घूंसों से पीटा और बाल पकड़कर घसीटा था, बच्चों ने पुलिस को बताया था पूरा वाकया
बरेली। बिशप कोनराड स्कूल की प्रीपेरेटरी शाखा सेंट अल्फोंसेस स्कूल की क्लास में घुसकर शिक्षिका को लात-घूंसों से पीटने और बाल पड़कर घसीटने के आरोपी चर्च प्रचारक फिरोज दयाल और उसकी पत्नी एकता दयाल को कैंट पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
आठ दिसंबर को बिशप कोनराड की प्रीपेरेटरी शाखा की क्लास में घुसे फिरोज दयाल और उसकी पत्नी एकता दयाल ने बच्चों को पढ़ा रही शिक्षिका को कुर्सी से गिराकर बच्चों के ही सामने लात-घूंसों से पीटा था और बाल पकड़कर घसीटा था। शिक्षिका ने थाना कैंट में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा था कि मिशन कंपाउंड में रहने वाले फिरोज और एकता का बेटा अरमान उनकी क्लास में पढ़ता है जिसे शोर मचाने पर उन्होंने डांट दिया था। इतनी सी बात पर भड़ककर उन्होंने क्लास में घुसकर उस पर हमला कर दिया और मारपीट की।
इंस्पेक्टर कैंट राजीव सिंह बताया कि पीड़ित शिक्षिका ने इस मामले में पहले मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी मगर मेडिकल परीक्षण में उनके कान में गंभीर चोट लगने की पुष्टि होने के बाद केस में धारा 326 बढ़ा दी गई। पुलिस की छानबीन में क्लास के छोटे बच्चों ने भी अपनी टीचर से मारपीट किए जाने की पुष्टि की थी। इसके बाद फिरोज और एकता को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बतौर चर्च प्रचारक कोई कार्रवाई नहीं
क्रिसमस के पवित्र माह में प्रभु यीशु के संदेश के उलट शिक्षिका के साथ बेरहमी से मारपीट करने के बावजूद चर्च प्रचारक के तौर पर फिरोज दयाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरे मत का चर्च प्रचारक होने का तर्क देकर इस कार्रवाई को टाल दिया गया। उधर, स्कूल प्रशासन ने अब बच्चे को स्कूल से निकालने का फैसला भी बदल दिया है। बिशप कोनराड के प्रबंधक हैरी डी कुन्हा ने बताया कि आरोपी अभिभावक गिरफ्तार हो गए हैं लिहाजा अब बच्चे को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा।