बरेली। महिला व किशोरी की हत्या के मामले में चोर की दाढ़ी में तिनका वाली कहावत चरितार्थ हुई। डर की वजह से महिला का हत्यारोपी झोलाछाप दुकान बंद कर भाग निकला और खुद फंस गया। किशोरी की हत्या के मामले में गन्ने के खेत से बरामद उसकी चोटी और डीएनए जांच ने पूरी दास्तां बयां कर दी। लिहाजा, दूसरे आरोपी पर भी कानून का शिकंजा कस गया।
जनवरी 2025 में किशोरी के लापता होने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तब्दील तो किया, लेकिन जांच में रुचि नहीं ली। पुलिस को लगा कि किशोरी या तो प्रेमी संग चली गई होगी या फिर घरवालों ने ही उसे मारकर शव नष्ट कर दिया है। चूंकि, वादी पक्ष को आरोपी बनाना खासा दुष्कर काम था और पर्याप्त साक्ष्य भी नहीं थे तो विवेचना ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
एसपी उत्तरी के मुताबिक, किशोरी की हत्या जिस गन्ने के खेत में हुई, आरोपी सलीम रोज शौच या अन्य बहाने से वहां जाता था। शव को सड़ता देखकर खुश होता और चला आता था। उसके लिए फायदे की बात ये रही कि जिस हिस्से में शव पड़ा था, खेत मालिक ने उस हिस्से का गन्ना बीज के लिए छोड़ दिया था। बरसात के बाद शव लगभग नष्ट हो गया। इस बीच सितंबर में गन्ने की कटाई के बाद खेत से युवती की चोटी व कुछ अवशेष मिले तो पुलिस का माथा ठनका। डीएनए जांच में यह चोटी व अवशेष उसी किशोरी के निकले तो हत्यारोपी की तलाश तेज हुई। इससे पहले किशोरी की खोपड़ी को सलीम ठिकाने लगा चुका था।
कई बार पुलिस को गुमराह कर चुका था सलीम, सलमान फंदे पर लटका
शुरू में पुलिस ने सलीम समेत कई ऐसे लड़कों से पूछताछ की, जो किशोरी के संपर्क में थे। भुता इलाके के सलमान को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उसने बताया कि वह किशोरी की एक सहेली की वजह से संपर्क में आया था और मोबाइल पर ही ज्यादातर बात होती थी। क्योलड़िया पुलिस की पूछताछ के बाद भुता में अपने गांव जाकर सलमान ने खुदकुशी कर ली थी। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा, पर यह भी माना गया कि शायद किशोरी के लापता होने में सलमान का हाथ रहा हो। इससे पहले सलीम से पुलिस पांच बार पूछताछ कर चुकी थी और वह हर बार अपनी दोस्ती का हवाला देकर हत्या के दावे से मुकर जाता था। डीएनए जांच के बाद उसकी घेराबंदी की गई।
पॉलीग्राफिक टेस्ट को नार्को टेस्ट समझकर दी सलाह तो फंसा
खुलासे के दौरान अधिकारियों को पता लगा कि आठ साल पहले झोलाछाप अमित की पत्नी की हत्या में मददगार रह चुके कंपाउंडर सलीम ने जोश में पॉलीग्राफिक टेस्ट की सहमति तो दे दी, लेकिन अपने गुरु झोलाछाप अमित से इसके बारे में जानकारी करने पहुंच गया। सिर्फ बीए पास अमित ने सलीम से कहा कि तुम्हें इंजेक्शन से नशा देकर पूछताछ होगी और तुम सब राज खोल दोगे, जबकि पॉलीग्राफिक टेस्ट में केवल धड़कन आदि को नोट कर यह पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। इससे सलीम घबरा गया और टेस्ट से एक दिन पहले यानि तीन फरवरी को भाग निकला।
पुराना बदमाश है सलीम, झोलाछाप को गिनाया अहसान
सलीम ने अमित को आठ साल पुराना अहसान याद दिलाया। कहा कि मुसीबत में वह उसकी मदद करे। अमित ने इन्कार कर उसे भगा दिया। उसने घरवालों को बताया कि उसी से जनवरी में किशोरी की हत्या हो गई थी और अब वह फंस सकता है। फिर वह घर से चला गया। घरवालों को यह भी बता गया कि उसने डॉक्टर की पत्नी की हत्या में भी मदद की थी। चूंकि सलीम पर लूट, हत्या की कोशिश व आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं तो घरवाले दहशत में आ गए कि पुलिस परेशान कर सकती है। उन्होंने पड़ोस में ही रहने वाले किशोरी के घरवालों को हत्या में सलीम का हाथ होने की बात बता दी। हालांकि डॉक्टर का राज छिपाए रहे। ब्यूरो