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Bareilly News: वादों को साक्ष्य और वादी-प्रतिवादियों को फैसले की चाह... पर मिल रहीं तारीखें

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बरेली। कलक्ट्रेट से लेकर तहसील तक की राजस्व कोर्टों में 12 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। वादी-प्रतिवादी कई वर्षों से चक्कर काट रहे हैं। उन्हें मुकदमे में बहस आदि के संबंध में तारीख पर तारीख का झुनझुना मिल रहा है। इसमें काफी संख्या में ऐसे मामले भी हैं, जो रिपोर्ट या कोर्ट में संबंधित कर्मियों के बयान न होने से लंबित हैं।
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मीरगंज क्षेत्र के गांव जाफरपुर के आरिफ और राम सिंह तहसील के चक्कर काट रहे हैं। इनके खेतों की सीमा का निर्धारण होना है। राजस्व निरीक्षक के बयान न होने से वाद में फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे कई मामले हैं, जिनसे जुड़े बयान/जिरह न होने और साक्ष्यों के अभाव में फैसले लटके हैं। डीएम ने बीती 24 जनवरी को दिसंबर महीने के राजस्व कार्यों की समीक्षा की थी। इसमें पाया था कि 12,010 राजस्व वाद लंबित हैं। इनमें जमीन के सीमा निर्धारण और सीमांकन से जुड़े 453 प्रकरण लंबित होना हैं। इनमें एक वर्ष से अधिक अवधि के केवल 11 वाद निस्तारित होने बाकी बताए गए। साथ ही एक वर्ष से अधिक अवधि के सबसे अधिक वाद एसडीएम सदर न्यायालय में लंबित मिले। ऐसे ही भूमि बंटवारे से जुड़े 1314 प्रकरण लंबित पाए गए थे।
इनमें डीएम ने निर्देश भी दिए हैं कि एक से तीन वर्ष से अधिक समय के लंबित वादों की संख्या अधिक है। लिहाजा, अभियान चलाकर विशेष प्रयास कर वादों का निस्तारण करें। चूंकि, दिसंबर की रैंकिंग में उप्र राजस्व संहिता की धारा-116 (भूमि बंटवारा) के वाद निस्तारण में बरेली को डी-ग्रेड मिला था।
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लेखपाल के चक्कर में साल भर से अटका बंटवारा

अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम के यहां कटकुईयां पुराना शहर की आयशा बेगम का वाद 27 जनवरी 2025 को दाखिल हुआ था। इसमें 46 तारीखें लग चुकी हैं। फैसला लेखपाल की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने से लंबित है। इसी तरह, जाफरपुर के आरिफ ने उप्र राजस्व संहिता-2006 की धारा 24 (सीमा निर्धारण और सीमांकन) के तहत एक फरवरी 2025 को मीरगंज एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया था। इस मुकदमे में 66 तारीखें लग चुकी हैं, पर मामला निस्तारित नहीं हो सका है। संवाद



आरिफ आदि बनाम राम सिंह वाद के मामले में बयान/जिरह होनी है। इसके लिए राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार सक्सेना छह फरवरी को पेशी के दिन आए भी थे, लेकिन वकीलों की हड़ताल होने से बयान/जिरह नहीं हो पाई। अब इसमें जल्द ही निर्णय करेंगे।
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- आलोक कुमार, एसडीएम मीरगंज
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