शाहजहांपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दुष्कर्म पीड़ित छात्रा को प्रवेश दिलाने के लिए आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट ने यह आदेश 16 अक्तूबर को छात्रा के अधिवक्ता की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जारी किया है। प्रार्थना पत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 18 अक्तूबर को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार से बरेली कॉलेज बरेली भेजे जाने की गुहार लगाई थी। उधर पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में संजय सिंह जमानत अर्जी खारिज हो गई।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपी संजय सिंह की जमानत अर्जी पर गुरुवार को बहस हुई। शाम को जिला जज ने संजय की जमानत अर्जी खारिज करने का फैसला सुनाया। इस मामले में नामजद संजय के दो साथी सचिन और विक्रम की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। तिलहर थाना क्षेत्र के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह चिन्मयानंद से फिरौती मांगने वाले आरोपियों में शामिल है। एसआईटी ने 20 सितंबर को संजय और उसके दो साथियों और छात्रा को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। परिजन संजय की जमानत कराने की कोशिश में हैं, जिसके लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा के कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने गुरुवार दोपहर 12 बजे संजय की जमानत अर्जी पर बहस शुरू की। 15 मिनट बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया। कोर्ट ने कहा कि विवेचना के दौरान संकलित किए गए साक्ष्य बरामदगी इलेक्ट्रानिक डिवाइस, रिट्रीव किए गए डाटा, एफएसएल रिपोर्ट, स्वतंत्र साक्षी के कलमबंद बयान के आधार पर अपराध की गंभीरता को देखते हुए संजय का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है। 20 सितंबर से संजय न्यायिक अभिरक्षा में है। फिरौती मामले में आरोपी संजय के चचेरे भाई विक्रम और मौसेरे भाई सचिन भी जेल में हैं।
दिव्यांशु के कोर्ट में हुए कलमबंद बयान, दिव्यांशु के मोबाइल से भेजा गया था मेसेज
जिस मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप बनाकर चिन्मयानंद के मोबाइल पर पांच करोड़ की फिरौती का मेसेज भेजा गया था, वह मोबाइल नंबर दिव्यांशु का था। एसआईटी के विवेचक सुरेंद्र कुमार कटियार ने दिव्यांशु उर्फ दीपांशु के कलमबंद बयान सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एसीजेएम/ एफटीसी दिनेश कुमार गौतम की अदालत में हुए। दिव्यांशु फिरौती के आरोपी संजय का दोस्त है।
हाईकोर्ट जा सकते हैं आरोपी
जिला जज की कोर्ट से जमानत अजी खारिज होने के बाद आरोपी संजय, सचिन और विक्रम के परिजन हाईकोर्ट जा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। इस मामले में आरोपी छात्रा के पिता पहले ही हाईकोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।