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फिरौती के आरोपी संजय की जमानत खारिज

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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपी संजय सिंह की जमानत अर्जी पर गुरुवार को बहस हुई। शाम को जिला जज ने संजय की जमानत अर्जी खारिज करने का फैसला सुनाया। इस मामले में नामजद संजय के दो साथी सचिन और विक्रम की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है।
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तिलहर थाना क्षेत्र के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने वाले आरोपियों में शामिल है। एसआईटी ने 20 सितंबर को संजय और उसके दो साथियों और छात्रा को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। परिजन संजय की जमानत कराने की कोशिश में हैं, जिसके लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबाबू शर्मा की कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने गुरुवार दोपहर 12 बजे संजय की जमानत अर्जी पर बहस शुरू की। 15 मिनट बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया। अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने संजय की जमानत मंजूर किए जाने को लेकर कई दलीलें पेश कीं। वहीं शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने जमानत के विरोध में दलीलें रखीं। दोनों अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने देर शाम फैसला सुना दिया। कोर्ट ने कहा कि विवेचना के दौरान संकलित किए गए साक्ष्य बरामदगी इलेक्ट्रानिक डिवाइस, रिट्रीव किए गए डाटा, एफएसएल रिपोर्ट, स्वतंत्र साक्षी के कमलबंद बयान के आधार पर अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संजय का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है।
बता दें कि संजय सिंह की गिरफ्तारी फिरौती मामले में 20 सितंबर को हुई थी इसी दिन संजय की गिरफ्तारी से पहले दुष्कर्म के आरोप में चिन्मयानंद को भी गिरफ्तार किया गया था। तभी से संजय न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। फिरौती मामले में आरोपी संजय के चचेरे भाई विक्रम और मौसेरे भाई सचिन भी जेल में हैं।
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दिव्यांशु के कोर्ट में हुए कमलबंद बयान, इसी के मोबाइल नंबर से भेजा गया था मेसेज
जिस मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप बनाकर चिन्मयानंद के मोबाइल पर पांच करोड़ की फिरौती का मेसेज भेजा गया था, वो मोबाइल नंबर दिव्यांशु का था। एसआईटी टीम के विवेचक सुरेंद्र कुमार कटियार ने दिव्यांशु उर्फ दीपांशु के कलमबंद बयान सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एसीजेएम/ एफटीसी दिनेश कुमार गौतम की अदालत में हुए। दिव्यांशु फिरौती के आरोपी संजय का दोस्त है। जिस मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप बनाकर चिन्मयानंद के मोबाइल पर मेसेज भेजा गया और ओटीपी के आधार पर दिव्यांशु का निकला। बाद में संजय के कहने पर वही सिम दिव्यांशु ने संजय की बहन पद्मा सिंह को तिलहर में दे दिया था।
हाईकोर्ट जा सकते हैं आरोपी
जिला जज की कोर्ट से जमानत अजी खारिज होने के बाद आरोपी संजय, सचिन और विक्रम के परिजन हाईकोर्ट जा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। इस मामले में आरोपी छात्रा के पिता पहले ही हाईकोर्ट जाने की बात कह चुके हैं।
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