ट्रक के केबिन की छत पर तिरपाल में छिपाकर रखी थी एक क्विंटल चरस
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नेपाल के मुल्ला मियां समेत दो अन्य तस्करों की तलाश में जुटी एसटीएफ
हाफिजगंज (बरेली)। एसटीएफ ने ट्रक के केबिन की छत पर छिपाकर नेपाल से लाई जा रही एक क्विंटल चरस के साथ शामली में थाना कांदली के गांव लोहरीपुर के अशफाक और मुजाहिर चौहान को गिरफ्तार किया है। दोनों नेपाल से चरस लेकर पीलीभीत, बरेली के रास्ते शामली जा रहे थे। इस मामले में नेपाल के मुल्ला मियां और उसके साथी कुर्बान की एसटीएफ को तलाश है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह मुताबिक, बुधवार दोपहर उनकी टीम ने हाफिजगंज थाना क्षेत्र स्थित सेंथल तिराहे पर घेराबंदी करके एक ट्रक को रोका। ट्रक में सवार अशफाक और मुजाहिर चौहान भागने की कोशिश करने लगे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान ट्रक के केबिन की छत पर तिरपाल में चार बोरों में छिपाकर रखे गए चरस के 150 पैकेट बरामद हुए। इनका वजन एक क्विंटल निकला। अशफाक और मुजाहिर ने बताया कि उन्होंने अपने साथी कुर्बान के साथ यह चरस सोनौली बॉर्डर से नेपाल के मुल्ला मियां से 10 लाख रुपये में खरीदी थी। नेपाल से लाई गई इस चरस को वे पीलीभीत, बरेली के रास्ते शामली ले जा रहे थे। इसे दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेचा जाना था। एसटीएफ नेपाल के मुल्ला मियां की तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना हाफिजगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नेपाल में बंद है एक आरोपी का भाई
एसटीएफ के मुताबिक सोनौली बार्डर पर चरस का सौदा करने के बाद कुर्बान अपने भाई से मिलने नेपाल चला गया। उसका भाई तस्करी के मामले में नेपाल की जेल में बंद है। इसी वजह से वह वापस नहीं आया। उसकी भी तलाश की जा रही है।
तस्करी के रुपयों से खरीदा ट्रक
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी लंबे समय से चरस की तस्करी कर रहे हैं। पहले ये किराये के वाहन से तस्करी करते थे, लेकिन कमाई बढ़ी तो उन्होंने अपना ट्रक खरीद लिया और नेपाल से उसमें छिपाकर चरस लाने लगे।