कोविड के कारण सीबीएसई ने बदला परीक्षा का पैटर्न
बरेली। सीबीएसई ने 15 नवंबर से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षा का कोरोना के चलते पैटर्न बदल दिया है। इस बाबत सीबीएसई ने सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। परीक्षा अब तीन घंटे के बजाय डेढ़ घंटे की होगी और सारे प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। विद्यार्थियों को उनके उत्तर ओएमआर शीट पर देने होंगे।
सीबीएसई के कोऑर्डिनेटर वीके मिश्र ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते बोर्ड की ओर से परीक्षा के स्वरूप में बदलाव किया गया है। दरअसल, दो सालों में महामारी के चलते बोर्ड उस तरह से परीक्षाएं नहीं करा सका, जिस तरह सत्र 2019 और उससे पहले हुईं थीं। लिहाजा बोर्ड को मूल्यांकन नीति भी नए ढंग से तैयार करनी पड़ी। हालांकि, अब तीन घंटे के बजाय डेढ़ घंटे में ही छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र हल करना होगा। उन्हें पहले टर्म में विषय आधारित लघु और दीर्घ उत्तरीय सवालों के बजाय बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
सीबीएसई ने चालू शैक्षिक सत्र को दो भागों में विभाजित किया है। प्रत्येक सत्र में लगभग 50 फीसदी पाठ्यक्रम से प्रश्न शामिल होंगे। 10वीं और 12वीं की टर्म-1 की परीक्षाएं ऑफ लाइन आयोजित की जाएंगी। परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसकी अवधि 90 मिनट होगी। सीबीएसई टर्म-1 परीक्षा के अंकों का उपयोग सीबीएसई बोर्ड 2022 का फाइनल रिजल्ट बनाने में किया जाएगा।
परीक्षा के मुख्य बिंदु
- - बोर्ड 18 अक्तूबर को टर्म-1 डेट शीट घोषित करेगा।
- - 10वीं और 12वीं में विषयों को दो वर्गों मेजर और माइनर में बांटा गया है।
- - मेजर विषय वे हैं जिन्हें देश भर के लगभग सभी स्कूलों में ज्यादातर बच्चे पढ़ते हैं। माइनर विषय में कम बच्चे होते हैं।
- - सभी प्रश्नपत्र 90 मिनट के बहुविकल्पीय होंगे।
- - परीक्षा दिन में 11:30 मिनट पर शुरू होगी। 20 मिनट अतिरिक्त पेपर पढ़ने के लिए मिलेंगे।
- - परीक्षार्थियों को उत्तर ओएमआर शीट पर अंकित करना होगा।
- - इस परीक्षा का परिणाम केवल प्राप्तांक के रूप में मिलेगा। बच्चों को पास या फेल के लिए नहीं।
- - अंतिम परिणाम टर्म-2 की परीक्षा के बाद एक साथ घोषित होगा।
- - आंतरिक परीक्षा और प्रायोगिक परीक्षा भी बच्चों को दो बार देनी है, जिसमें 50 फीसदी की परीक्षा पूरी करनी है और इसके अंक बोर्ड की बेवसाइट पर स्कूलों को अपलोड करने होंगे।