बरेली। आपरेशन के नाम पर मरीज से पैसा मांगना एक डॉक्टर को भारी पड़ गया। शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची तो जांच की गई। आरोप सिद्ध होने के बाद डॉक्टर को निलंबित करने क ा आदेश तैयार हो गया है और उसे सीएमओ कार्यालय भेजा गया। निलंबित करने की शक्ति सीएमओ के पास न होने के कारण अब इस संबंध में प्रपत्र शासन को भेजा जा रहा है।
जिला अधिकारी गौरव दयाल ने ‘से नो टू करप्शन’ के तहत भ्रष्टाचार की शिकायताें पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रकोष्ठ बनाया है। शिकायतें आने पर कलेक्ट्रेट स्तर से जांच की जाती है। अगर मामला सही मिलता है तो कार्रवाई भी होती है। जिला अस्पताल से शेरगढ़ के एक मरीज द्वारा सर्जन डॉ. एके अग्रवाल की शिकायत की गई। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद दो अन्य शिकायतें भी प्रशासन के पास आई थी। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर निलंबन की कार्रवाई के लिए एडीएम प्रशासन की ओर से सीएमओ को पत्र भेजा गया।
‘डॉ. एके अग्रवाल के निलंबन के संबंध में पत्र मेरे पास आया था, लेकिन यह अधिकार मेरे पास नहीं है। इस पत्र दोबारा जिला प्रशासन को भेज दिया गया।’
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ
‘डॉक्टर पर कार्रवाई स्थानीय स्तर से नहीं हो सकती, इसलिए शासन को शिकायत से अवगत कराकर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।’
- अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन