अव्यवस्थित परिवहन से होती हैं ये दिक्कतें
अव्यवस्थित परिवहन से पक्षियों में थर्मल डिस्कंफर्ट, डिहाइड्रेशन, एनर्जी डिप्लेशन व अन्य दिक्कतें होती हैं। वजन भी घटता है। साथ ही, ब्रूसेस, हैमरेज, एसिड असंतुलन, इलेक्ट्रोलाइट बदलाव भी होते हैं। वहीं, लोडिंग के लिए पकड़ने का तरीका, वाहन की स्थिति, खांचे की डिजाइन, वेंटिलेशन आदि व्यवस्थित न होने से मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
करीब चार माह बाद बाजार में होगा उपलब्ध
कैरी कंफर्ट उत्पाद पेटेंट के लिए भेजा है। इस प्रक्रिया में करीब तीन माह लग सकते हैं। इसके बाद इस तकनीक की कीमत निर्धारित की जाएगी। फिर प्रचार-प्रसार होगा। करार के बाद संबंधित कंपनी उत्पाद को तैयार कर बाजार में उतारेगी। उत्पाद किसानों को रियायती दर में मिलेगा।
तैयार हुआ कैरी कंफर्ट
डॉ. रोकड़े के मुताबिक वर्ष 2023 में शोध कार्य पूरा हुआ। ट्रायल सफल रहा। कुक्कुट की बिक्री के बाद परिवहन से तीन दिन पहले कैरी कंफर्ट पाउडर को पानी में मिलाकर सेवन कराना होता है। यह मुर्गे-मुर्गियों का वजन नियंत्रित करता है। इससे मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होती। अब सीएआरआई की ओर से इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।
सीएआरआई के निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अव्यवस्थित परिवहन से कुक्कुट पर विपरीत प्रभाव होते हैं। वजन घटता है और मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। संस्थान की ओर से विकसित कैरी कंफर्ट उत्पाद इससे निजात दिलाने में कारगर है। पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।