बरेली। भीषण गर्मी में रोडवेज की बसें भी तप रहीं हैं। खिड़कियों पर शीशे न होने के कारण यात्रियों को लू के थपेड़े झेलने पड़ रहे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ रही है और बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाओं के नाम पर ओआरएस तक नहीं है। बस अड्डों के पंखे भी गर्म हवा उगल रहे हैं।
इन दिनों तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है, ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं। हालत यह है कि 25 फीसदी बसें वर्कशॉप से ही नहीं निकल पा रहीं। पिछले महीनों रोडवेज बसों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला हो चुका है। कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कुछ पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। ऐसे में ये अधिकारी और कर्मचारी अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। दोनों बस अड्डों पर यात्रियों के बैठने और पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। संवाद