एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि विशेष और नीतेश की बहन की शादी मृतक के बड़े भाई प्रदीप शर्मा से हुई थी। बहन की मौत हो जाने के बाद पुजारी मनोज का उनकी दूसरी अविवाहित बहन से प्रेम संबंध हो गया था, लेकिन परिवार ने उसकी शादी उसावां थाना क्षेत्र के गांव मंला नगला निवासी हिमांशु के साथ 2019 में कर दी।
शादी के बाद भी मनोज का संपर्क साली से बना रहा, जिसके चलते हिमांशु और उसकी पत्नी के बीच विवाद गहराने लगा। पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया पर मनोज से संबंध बनाए रखे।
परिजनों और रिश्तेदारों ने मामले में समझौता कराया तो हिमांशु अपनी पत्नी के साथ रहने लगा। इस बीच उसके दो बेटियां भी हुईं। इसके बाद भी पुजारी मनोज व साली का प्रेम संबंध खत्म नहीं हुआ। हिमांशु के पांच साले हैं। छोटे साले उसका पक्ष कर रहे थे, जबकि बड़े साले इस मामले से दूरी बनाए हुए थे। उसने अपने साले विशेष व नीतेश से मनोज की हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत 16 नवंबर की शाम नीतेश मंदिर में मनोज के पास पहुंच गया। दोनों ने साथ-साथ खाना खाया और साथ ही सो गया। रात करीब 1:45 बजे विशेष और हिमांशु बाइक से मंदिर पहुंचे। नीतेश ने गेट खोला और तीनों ने मिलकर गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। वारदात को लूट जैसा दिखाने के लिए मुकुट, मोबाइल और डीवीआर भी ले गए।
यह हैं तीनों आरोपी
शाहजहांपुर के परौर के रहने वाले विशेष कुमार उर्फ छोटू, नीतेश कुमार सगे भाई हैं। दोनों ही मृतक पुजारी मनोज के भाई प्रदीप के सगे साले हैं। उसावां थाना क्षेत्र के गांव मंश नगला के रहने वाले हिमांशु प्रदीप का साढ़ू है। इन्हीं की पत्नी से मृतक मनोज के अवैध संबंध थे।
तीनों पर एसएसपी ने किया था 25-25 हजार का इनाम घोषित
आरोपियों पर एसएसपी ने 25–25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने तीनों को 19 नवंबर को नई जेल की चिन्हित भूमि (बिल्सी रोड) के पास से गिरफ्तार किया।
हत्या करने के बाद मंशा नगला पहुंचे तीनों
पुजारी की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी हिमांशु के घर मंश नगला पहुंचे। वहां पहने हुए कपड़ों को जला दिया और दूसरे कपड़े पहन लिए। डीवीआर को भी आग के हवाले कर दिया।
परिवार के लोगों को थी जानकारी, पुलिस को नहीं बताया राज
परिवार के लोगों को घटना की पूरी जानकारी थी, लेकिन पुलिस को कोई जानकरी परिवार के लोगों ने नहीं दी। इसके बाद भी पुलिस ने 48 घंटे में हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें सबसे अधिक सीसी कैमरों की मदद मिली है।