चुनावी सरगर्मी शुरू होते ही बसपा ने प्रत्याशियों की घोषणा में अन्य दलों से बाजी मार ली है। जिले की नौ सीटों पर पहले से ही घोषित प्रत्याशियों के नाम का शुक्रवार को एलान कर दिया गया। सूची में दो इंजीनियर, एक पूर्व अधिकारी, तीन मुस्लिम, एक व्यापारी नेता और दो मौजूदा विधायक शामिल हैं। शुक्रवार को सूची जारी होते ही प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी छा गई। जगह-जगह मिठाई बांटी गई। सभी प्रत्याशी शनिवार को लखनऊ बुलाए गए हैं।
बहेड़ी नसीम अहमद - वन विभाग से इस्तीफा देकर पहली बार चुनाव मैदान में उतरे नसीम अहमद बहेड़ी में ही पढ़े हैं। बहेड़ी में पार्टी नीतियां और विकास कराने के नाम पर प्रचार कर रहे हैं।
नवाबगंज वीरेंद्र गंगवार- सपा छोड़कर बसपा में शामिल होकर प्रत्याशी बने हैं। इसके लिए उन्हें जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सीट गंवानी पड़ी। भोजीपुरा से विधायक रह चुके हैं। एक बार नवाबगंज से कांग्रेस टिकट पर भाग्य अजमा चुके हैं।
बिथरी वीरेंद्र सिंह - वीरेंद्र कैंट विधान सभा से बसपा विधायक हैं। पिछले चुनाव में पार्टी ने बिथरी क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया और अपने कार्य और मेहनत के बूते जीते। बसपा ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताया है।
फरीदपुर विजयपाल सिंह- फरीदपुर से 2007 में बसपा विधायक रहे चुके विजयपाल सिंह प्रत्याशी बनाए गए हैं। पिछले चुनाव में वे सपा प्रत्याशी सियाराम सागर से पराजित हुए, इसके बाद बसपा से अलग हो गए थे। फिर से बसपा में शामिल हुए हैं।
भोजीपुरा सुलेमान बेग - मीरगंज से विधायक सुल्तान बेग के भाई सुलेमान बेग इस क्षेत्र से प्रत्याशी बने हैं। बेग पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं।
आंवला अगम मौर्य - बसपा ने जातीय समीकरण संतुलन बनाने के लिए इंजीनियर अगम मौर्य को प्रत्याशी बनाया है। वह पहली बार मैदान में है और अपनी मेहनत से जीत चाहते हैं।
मीरगंज सुल्तान बेग - बसपा ने एक बार फिर विधायक सुल्तान बेग पर दांव लगाया है।
शहर अनीस अहमद खां - जल निगम से इस्तीफा देकर राजनीति में कूदने वाले अनीस अहमद खां एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वह कैंट से चुनाव लड़ चुके हैं।
कैंट राजेंद्र गुप्ता - व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता भाजपा से जुड़े थे। पिछले दिनों भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए और टिकट मांगा। पार्टी ने उनका नाम घोषित कर दिया है।