बरेली। हजियापुर के आसमां हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। बकौल पुलिस, भाई ने ही पैतृक मकान छिन जाने के डर से आसमां की गला काटकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है।
बारादरी क्षेत्र के हजियापुर निवासी सब्जी विक्रेता शमीम की पत्नी 35 वर्षीय आसमां की 12 फरवरी को दिनदहाड़े गला काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर पहले शमीम और फिर मोहल्ले के ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। परिवार के लोगों से पूछताछ के दौरान ही पुलिस को आसमां और उसके भाई कय्यूम अहमद उर्फ पप्पू के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पप्पू को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ करने पर पप्पू ने आसमां की हत्या करने की बात कबूली। बताया, उसकी मां ने दो शादियां की थीं। वह और उसका भाई हनीफ पहले पिता की संतान हैं। पिता की मौत के बाद मां ने दूसरी शादी अच्छन से कर ली थी। आसमां, रेशमा और नजमा अच्छन से पैदा हुईं। कय्यूम और उसका भाई हनीफ अपने परिवार के साथ अच्छन के घर में ही रह रहे हैं।
आसमां ने शमीम से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद आसमां ससुराल चली गई, लेकिन वह कय्यूम और हनीफ से अपने पिता अच्छन का मकान खाली करने का दबाव बनाती रही। इससे कय्यूम परेशान रहने लगा और आसमां को रास्ते से हटाने की सोचने लगा। घटना वाले दिन वह इलाके में ही एक लकड़ी के कारखाने में काम कर रहा था, तभी आसमां को ठिकाने लगाने का फैसला करके उसके घर पहुंच गया। अंदर पहुंचा तो आसमां कारचोबी का काम कर रही थी। दबे पांव जाकर कय्यूम ने उसे दबोच लिया और छुरी से उसका गला काट दिया। इसके बाद आसमां को फोल्डिंग बेड पर डालकर वापस कारखाने आ गया।
घर खाली न करने पर मारे जाने का था डर
कय्यूम उर्फ पप्पू ने बताया कि आसमां मकान खाली न करने पर अक्सर उसे धमकाती थी। उसे डर था कि मकान न खाली न करने पर आसमां उसकी हत्या करा सकती है। घटना के बाद से उसका भाई हनीफ भी लापता है। उसका अब तक कोई पता नहीं चला है।