फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिश्वत प्रकरण : हंगामा हुआ तो रात में ही बना दिया वकील का प्रमाणपत्र

विज्ञापन
डेमो - फोटो : demo pic
विज्ञापन
आरोपी लेखपाल का दर्ज हुआ बयान, कहा- जबरन फंसा रहे, मामला उसके कार्यक्षेत्र का नहीं
विज्ञापन

बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे शिकायतकर्ता, एसडीएम ने बयान के आधार पर कार्रवाई की बात कही
बरेली। वकीलों के हंगामा के बाद बुधवार देर रात ही सदर तहसील में वकील का वारिसान प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया गया था। प्रकरण में आरोपी लेखपाल का बयान बृहस्पतिवार को दर्ज हुआ। लेखपाल ने वकील की ओर से दी गई तहरीर में जबरन आरोपी बनाने की बात कही। लिखित बयान में कहा है कि जिस क्षेत्र का प्रकरण है, वह वहां तैनात ही नहीं है। उधर, बयान दर्ज कराने के लिए शिकायकर्ता नहीं पहुंचा।
एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र के मुताबिक वकीलों के हंगामा के दौरान ही उन्हें जल्द वारिसान प्रमाण पत्र बनाकर देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद ही देर रात वारिसान प्रमाण पत्र बनवाकर दे दिया गया था। प्रकरण की चल रही है। जांच में दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए बृहस्पतिवार को बुलाया गया था। आरोपी लेखपाल राजवीर ने दर्ज कराए बयान में कहा है कि वह उसका क्षेत्र नहीं है। इसलिए वह वकील के घर भी नहीं गया था। वहीं, दूसरा पक्ष बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा। दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

एसडीएम ने बताया कि तहसील परिसर में हंगामा करने पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। उन्हें तहसील के किसी कर्मचारी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र देकर शांतिपूर्ण तरीके से बात करने समेत उनसे भविष्य में सहयोग करने के लिए भी कहा जाएगा। उधर, लेखपालों को नोटिस जारी कर भविष्य में किसी प्रकरण में रिश्वतखोरी संज्ञान में आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

वारिसान प्रमाण पत्र को लेकर हुआ था हंगामा
सुभाषनगर बीडीए कॉलोनी के वकील हरीश आजाद के मुताबिक उनके ससुर की मौत नवंबर में हो गई थी। उन्होंने वारिसान प्रमाण पत्र की अर्जी लगाई थी। बुधवार को क्षेत्रीय लेखपाल और एक अन्य प्राइवेट कर्मी उनके घर पहुंचे थे। तब वह कचहरी में थे। आरोप है कि लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे। पत्नी ने जब उन्हें मामला वकील का होने की जानकारी दी तो जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कागज उनके ऊपर फेंक दिए। यह खबर वकीलों के बीच पहुंचते ही आक्रोश फैल गया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सदर तहसील आ धमके। करीब घंटे भर तक हंगामा के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर वह लौटे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें