तहसील के अफसरों पर आठ महीनों से मामला दबाए रखने का आरोप
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अफसरों पर बिगड़े डीएम, तत्काल जांच पूरी कर कार्रवाई का दिया निर्देश
बहेड़ी। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को अनायास ही कॉलोनाइजरों के खाने और खिलाने के बड़े खेल का खुलासा हुआ। कस्बे में तमाम जमीनों की दस रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री कराकर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की राजस्व चोरी किए जाने का मामला सामने आया तो डीएम भी सकते में आ गए। पता चला कि एसडीएम और तहसीलदार की जानकारी में आठ महीने से ज्यादा समय से यह मामला है, फिर भी उसे दबाए रखा गया है। हालांकि डीएम ने फिलहाल इन्हीं दोनों अधिकारियों को जांच करने का निर्देश दिया है।
समाधान दिवस में मोहल्ला गोदाम में रहने वाले मोहम्मद शाहिद ने डीएम के सामने पेश होने के बाद प्रमाणों के साथ इस मामले में शिकायत की। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों से साठगांठ कर कॉलोनाइजरों ने पिछले कुछ समय में सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। तमाम जमीनों की रजिस्ट्री दस रुपये के स्टांप पर हुई है जिन पर अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित की गई हैं। एसडीएम, तहसीलदार और सब रजिस्ट्रार की मौजूदगी में मोहम्मद शाहिद ने डीएम को बताया कि वह करीब आठ महीनों से कई बार इस मामले में प्रमाणों के साथ शिकायत कर चुके हैं लेकिन अफसरों ने उस पर जांच तक नहीं कराई है। बल्कि मामले को दबाए हुए हैं।
मोहम्मद शाहिद ने कॉलोनाइजरों की साठगांठ में अफसरों के भी शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका के 82 फुटा रोड पर जमीन की खरीद-फरोख्त दस रुपये के ही स्टांप पर हुई है जिससे सरकार को 40 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इसके साथ शेरनगर में भी जमीन की खरीद-फरोख्त में 12 करोड़ की स्टांप चोरी हुई है।
शाहिद की शिकायत सुनने और प्रमाण देखने के बाद डीएम नितीश कुमार ने एसडीएम राजेश चंद्र और तहसीलदार से पूछा कि आठ महीने पहले शिकायत होने के बाद भी जांच करके कार्रवाई क्यों नहीं की गई तो दोनों अफसर कोई जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल इस मामले में जांच कर रिपोर्ट देने और कार्रवाई करने का आदेश दिया। डीएम ने दस रुपये के स्टांप पर जमीनों की रजिस्ट्री करने को लेकर सब रजिस्ट्रार को भी जमकर डांट लगाई। समाधान दिवस में हीरा लाल गुर्जर ने पटेल नगर में कालोनाइजर के उनकी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत की। डीएम ने इसकी भी जांच करने के आदेश दिए।
स्टांप के साथ आयकर की भी चोरी
मोहम्मद शाहिद ने डीएम को बताया कि कॉलोनाइजरों ने अधिकारियों की मिलीभगत से सिर्फ स्टांप की चोरी ही नहीं की बल्कि आयकर चोरी भी की है। कई कॉलोनियों को अवैध तरह से विकसित किया गया है और उनमें प्लॉटों की रजिस्ट्री में भी भारी गोलमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी रजिस्ट्री विभाग के अफसर जानबूझकर अनजान बने हुए हैं।
मैंने पांच दिन पहले ही बहेड़ी में ज्वाइन किया है। यह मामला मेेरी जानकारी में नहीं था। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने जांच के लिए कहा है। राजस्व विभाग की टीम से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और डीएम को अवगत कराया जाएगा। - राम स्नेह वर्मा, तहसीलदार बहेड़ी