बरेली। नेपाल से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले दोनों तस्करों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया। इनमें से एक पहले कैराना से जाली नोटों की तस्करी में भी जेल जा चुका है। तस्करों ने एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम को महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। एसएसपी ने दावा किया कि इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस भविष्य में और बड़े खुलासे कर सकती है।
शामली, कैराना के कासिम और गाजियाबाद लोनी के साबिर को एसटीएफ प्रभारी अजयपाल सिंह ने बुधवार को फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर सेंट्रो कार समेत पकड़ा था। कार से पांच किलो अफीम और 14 किलो चरस बरामद हुई थी। फतेहगंज पश्चिमी थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद दोनों से पूछताछ की गई। गुरुवार को इन्हें जेल भेज दिया गया। एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि कासिम 2019 में नकली नोट के मामले में कैराना थाने से ही जेल भेजा जा चुका है। मादक पदार्थों की तस्करी वह काफी पहले से कर रहा है।
तस्करों ने टीम को बताया कि पहले नेपाल से केवल चरस की सप्लाई होती थी। अब वहां अफीम की खेती भी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। झारखंड के मुकाबले वहां काफी सस्ती अफीम मिल जाती है। तस्करों को नेपाल में अफीम हरि सिंह नाम का व्यक्ति उपलब्ध कराता है। एसटीएफ अब हरि सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। माना जा रहा है माओवादी विचारधारा से जुड़ा हरि सिंह ही नेपाल का बड़ा अफीम तस्कर है। इससे पहले नेपाल का रियाज बड़े पैमाने पर भारत में चरस की तस्करी करता था। करीब तीन साल पहले उसे बरेली एसटीएफ ने पकड़ा था। तभी से वह बरेली जिला जेल में है।