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जिला पंचायत की बोर्ड बैठक

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जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अपनी बात कहते सदस्य।
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बरेली। जिला पंचायत की दूसरी बोर्ड बैठक शनिवार को खासी हंगामेदार रही। नए चुन कर आए जिला पंचायत सदस्यों ने भ्रष्टाचार और असहयोग वाले रवैये पर अफसरों को मंच पर खड़ा कर तीखे सवालों की झड़ी लगा दी। सदस्यों की तेजी देख अफसर बगलें झांकने लगे तो पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार ने हस्तक्षेप कर सदस्यों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। बैठक में 45 करोड़ की निर्माण कार्ययोजना को मंजूरी देने के साथ अन्य कई प्रस्ताव भी पास किए गए।
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बैठक में सबसे पहले सदस्यों ने विकास खंड और जिला मुख्यालय स्तर पर सरकारी दफ्तरों में छाए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। अफसरों को निशाने पर लेते हुए सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के दबाब में पात्रों का नाम काटने का आरोप लगाया। अफसरों पर भी सीधे-सीधे दलालों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। फिर तय हुआ कि एक-एक अफसर को मंच पर खड़ा करके सवाल किए जाएंगे। सबसे पहले समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा को मंच पर बुलाया गया। सदस्यों ने उनसे विभाग की योजनाओं के साथ पेंशन समेत अन्य योजनाओं में फैले भ्रष्टतंत्र पर सवाल किए। ब्लॉक में अफसर न मिलने की बात कही। समाज कल्याण अधिकारी ने जल्द यह दिक्कत दूर करने की बात कही। अन्य विभागों के अधिकारियों से भी सदस्यों ने तीखे सवाल किए। वार्ड- 30 के जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में फैले भ्रष्टाचार का मामला उठाया। कहा कि बिना रिश्वत दिए आवास मिलता ही नहीं हैं। पेयजल की सुविधा के लिए हैंडपंप को री बोर करने में भी गोलमाल का आरोप लगाया।
‘बिजली विभाग के अफसर नहीं उठाते फोन’
बिजली निगम अफसरों की लापरवाही पर भी सदस्यों ने अफसरों को आड़े हाथ लिया। फोन न उठाने और उपभोक्ताओं से अभद्रता करने का आरोप लगाया। शिकायत का समाधान न होने की बात कही। सवाल-जबाव के दौरान सदस्यों ने उन पर कई तल्ख टिप्पणियां कीं। इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सदस्यों को बीच में ही टोक दिया। उन्होंने सदस्यों को अनुशासन से सदन चलाने और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय व्यवस्थित तरीके से शिकायत रखने की नसीहत दी। कहा कि सदस्य सवाल पहले से लिख कर दें तो ज्यादा अच्छा होगा। इसके बाद सवाल-जवाब का सत्र खत्म कर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मीरगंज विधायक डीसी वर्मा, फरीदपुर विधायक डा. श्याम बिहारी लाल, सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग के साथ जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
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फिर उठी शस्त्र लाइसेंस देने की मांग
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सदस्यों ने शस्त्र लाइसेंस दिलवाने की वर्षों पुरानी मांग फिर उठाई। उन्होंने सदस्यों को प्राथमिकता से शस्त्र लाइसेंस दिलवाने के लिए मांगपत्र भी जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल को सौंपा। बता दें कि जिला पंचायत सदस्य पहले भी शस्त्र लाइसेंस दिलवाने की मांग उठाते रहे हैं लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बिना चर्चा 45 करोड़ की कार्ययोजना को मंजूरी
बोर्ड बैठक में हंगामे के चलते निर्माण कार्यों पर चर्चा नहीं हो पाई। फिर 45 करोड़ रुपये की वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना को बिना चर्चा के ही मंजूरी दे दी गई। 45 करोड़ की परियोजना में कहां कौन-कौन से काम कराएं जाएंगे, इस पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा जर्जर सभागार को दोबारा बनवाने समेत अन्य प्रस्ताव भी बिना चर्चा पास हो गए।
माइक की छीनाझपटी
बोर्ड बैठक में अव्यवस्थाएं भी हावी रहीं। सदस्य आपस में माइक की छीनाझपटी तक करते दिखे। बैठक में अव्यवस्था के चलते चुनिंदा सदस्य ही सवाल पूछ पाएं। कोरोना गाइडलाइन का पालन भी नहीं कराया गया।
ये प्रस्ताव हुए पास
- जिला पंचायत के जर्जर सभागार और अन्य जर्जर भवनों की मरम्मत
- जिला पंचायत व अन्य विभागों द्वारा निर्मित मार्ग, भवन, पुलों के नामकरण का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया जाए।
- बरेली बदायूं हाईवे का नाम कल्याण सिंह मार्ग, चौबारी पुल की एक लेन का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय और दूसरी का स्व. कल्याण सिंह के नाम पर रखने के साथ चौबारी पर जिस जगह पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां विसर्जित हुईं, उसका नाम अटल घाट रखा जाए।
- जिला पंचायत कार्यालय प्रांगण में भारत माता की मूर्ति लगे।
- जिला पंचायत के विद्यालयों के प्रांगण और कृषि भूमियों की मेड़ पर पौधरोपण
- शिक्षा, खेल, साहित्य में उत्कृष्ट कार्य करने वालों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजन की अनुमति।
मौन रख कल्याण सिंह को दी श्रद्धांजलि
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक से पहले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने दो मिनट का मौन भी रखा। इसके बाद उनके नाम पर दो प्रस्ताव भी पास किए गए।
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