बरेली लोकसभा क्षेत्र के चुनाव की समीक्षा करने आए पार्टी पदाधिकारियों ने दो दिन तक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण किया। उन्हें बताया गया कि आंवला में भितरघात की वजह से पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। जबकि, बरेली भाजपा की जीत का अंतर इसलिए घटा क्योंकि वोटरों में ज्यादा उत्साह नहीं था। धूप और गर्मी भी काफी तेज थी। इससे कम लोग वोट डालने निकले।
बरेली लोकसभा क्षेत्र में इस बार भी भाजपा ने सपा उम्मीदवार को शिकस्त दी है। भाजपा के छत्रपाल गंगवार ने चुनाव तो जीत लिया पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की तरह जीत का आंकड़ा नहीं पा सके। पड़ोस की आंवला सीट सपा ने छीन ली। नीरज मौर्य वहां के सांसद बन गए। आंवला लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा करने आईं भाजपा विधायक नीलिमा कटियार को भितरघात से चुनाव हारने जैसे तथ्य मिले।
बरेली सीट की भी समीक्षा की
वहीं, बरेली लोकसभा सीट की समीक्षा करने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल व महामंत्री हरिओम शर्मा बरेली आए थे। इन्होंने दो दिन में बरेली लोकसभा की सभी सीटों का जायजा लिया और बृहस्पतिवार को यहां से रवाना हो गए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक विधानसभा क्षेत्रों में मंडलस्तरीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर समीक्षा की। इसमें पता लगा कि इस बार मतदाताओं में ज्यादा जोश नहीं था।
ऊपर से गर्मी ने भी लोगों को घर में आराम करने को मजबूर किया। कई लोग मतदान केंद्र पर लंबी कतार देखकर लौट गए। हालांकि निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जनता से जुड़ाव की बदौलत भाजपा ने सीट जीत ली।