भोजीपुरा। देहरादून से शादी में शामिल होकर लौट रहे प्रयागराज के भाजपा नेता एवं पूर्व जिला मंत्री आदित्य नारायण मिश्र और उनके साथ अशोक पांडेय की तेज रफ्तार कार बुधवार रात करीब 12 बजे भोजीपुरा इलाके में बिलवा फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकरा गई। आदित्य और अशोक की मौत हो गई, दोनों के बेटे और गनर भी गंभीर घायल हो गए। घायलों को बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आदित्य और अशोक भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।
नैनी प्रयागराज के अरेल सच्चा बाबानगर में रहने वाले आदित्य नारायण मिश्र और चक विश्वनाथ निवासी अशोक कुमार पांडेय 18 अप्रैल को देहरादून में नैनी सड़वा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेश गिरि के छोटे भाई उत्कर्ष गिरि की शादी में शामिल होने गए थे। शादी समारोह के बाद सभी लोग हरिद्वार चले गए थे। बुधवार रात कार से वापस प्रयागराज जा रहे थे। कार में आदित्य का बेटा हर्षित और अशोक का बेटा सचिन और गनर पुनीत तिवारी भी थे। कार आदित्य नारायण चला रहे थे, उनके बगल की सीट पर अशोक बैठे थे। हर्षित, सचिन और गनर पुनीत पीछे की सीट पर थे।
रात करीब 12 बजे कार भोजीपुरा इलाके में बिलवा फ्लाईओवर पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में पांचों लोग गंभीर घायल हो गए। सूचना पर भोजीपुरा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस बुलाकर घायलों को बरेली के एक निजी अस्पताल में भेज दिया। वहां डॉक्टरों ने आदित्य और अशोक को मृत घोषित कर दिया। जबकि हर्षित, सचिन और पुनीत की हालत गंभीर बनी हुई है।
तेज रफ्तार की वजह से हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा जब हुआ, उस समय कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। कार जब डिवाइडर से टकराई तो जोरदार धमाके की आवाज हुई। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। सभी घायल कार में फंसे हुए थे। लोगों ने जैसे-तैसे सभी को बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।
प्रधानी व ब्लाक प्रमुख का लड़ चुके हैं चुनाव
नैनी। भाजपा नेता व पूर्व जिला मंत्री आदित्य नारायण मिश्र अरैल ग्राम सभा से प्रधानी व चाका ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन उन्हें किसी भी चुनाव में सफलता नहीं मिली थी। 2017 के चुनाव में उन्होंने करछना विधानसभा से प्रत्याशी पद के लिए दावेदारी की थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट न देकर पीयूष रंजन निषाद को टिकट दिया था। भाजपा संगठन में उनकी अच्छी पकड़ थी।
लड्डू गुरु के नाम से भी थी पहचान
नैनी। भाजपा नेता आदित्य नारायण मिश्र की पहचान लड्डू गुरु के नाम से भी थी। वह बड़े हनुमान मंदिर बंधवा में लगभग 10 सालों तक लड्डू की दुकान का संचालन करते रहे थे। वर्ष 2019 कुंभ आयोजन से पहले महंत नरेंद्र गिरि व उनके बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। इसके बाद उनकी दुकान वहां से हटा दी गई थी। दुकान हटने के बाद परेड ग्राउंड में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले में वह मुख्य आरोपी थे। इसी मामले में उन्हें जेल हुई थी। 10 महीने वह जेल में थे।
महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में था आदित्य के नाम का जिक्र
नैनी। देश विदेश में चर्चित महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के मामले में मिले सुसाइड नोट में आदित्य नारायण मिश्र का नाम भी था। महंत ने अपने सुुसाइड नोट में उनसे 25 लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र किया था। मामले में सीबीआई टीम ने उनसे भी पूछताछ की थी। लेकिन कोई ठोस आधार न मिलने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया था।
बड़े हनुमान मंदिर में अन्न क्षेत्र का कर रहे थे संचालन
नैनी। महंत नरेंद्र गिरि के मौत के बाद आदित्य नारायण मिश्र बड़े हनुमान मंदिर में अन्न क्षेत्र का संचालन कर रहे थे। महंत की मौत के बाद मंदिर में उनकी नजदीकियां फिर से बढ़ गई थी। मंदिर के काम व अन्य व्यवस्थाओं में वह फिर से सहयोग करने लगे थे। संवाद