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भाजपा नेता साथियों समेत गिरफ्तार

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बरेली। भाजपा नेता शारिक आखिरकार अपने ही बुने जाल में फंस गया। छेड़खानी के मामले में अपने भाई को बचाने के लिए रची गई साजिश का पर्दाफाश कर पुलिस ने सोमवार को उसे पांच साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक शारिक का इरादा पीड़िता के भाई को फंसाकर उस पर समझौते के लिए दबाव बनाने का था। इसीलिए उसने उसके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मुख्यमंत्री पर टिप्पणियां की थीं। फिर खुद को गोली मारने की भी फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि रोहली टोला निवासी भाजपा नेता शारिक और उसके भाई के खिलाफ फरवरी में एक लड़की से छेड़खानी की एफआईआर लिखाई गई थी। विवेचना में शारिक का नाम इस केस से निकल गया था लेकिन वह इस मामले में अपने भाई को भी बचाना चाहता था। इसी वजह से उसने पीड़ित लड़की के भाई को झूठे केस में फंसाकर उस पर समझौते का दबाव बनाने की साजिश रची थी। इसी साजिश के तहत उसने 23 जून को थाना बारादरी में लड़की के भाई के खिलाफ फेसबुक पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने और उसे जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी बात बनती नजर नहीं आई तो उसने उसी युवक के खिलाफ 28 जून को खुद को गोली मारकर घायल कर देने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरू की तो शारिक की साजिश की परतें खुल गईं। पता चला कि शारिक के कहने पर बुखारपुरा में रहने वाले उसके दोस्त अंकित शर्मा से अपने पड़ोसी यशपाल शर्मा का मोबाइल चुराया था। फिर उसी नंबर से पीड़ित लड़की के भाई के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाई और फिर मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने के साथ अपने लिए कई धमकियां भी पोस्ट कराईं और फिर उसके स्क्रीनशॉट वायरल कर दिए। इन्हीं स्क्रीनशॉट के आधार पर उसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शारिक ने इसके बाद भी अपने चाचा यासीन के साले चक सकलैननगर निवासी बबलू से खुद को दो बार धमकी दिलवाई और अफवाह फैलाई कि केस वापस लेने के लिए उसे धमकाया जा रहा है। 27 जून को उसने यूपी 112 पर फोन करके गोली मारकर अपनी हत्या की कोशिश किए जाने की सूचना दी और फिर पीड़ित लड़की के भाई समेत दो लोगों के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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शातिर : पांच हजार देकर लगवाई
ऐसी चोट जो गोली का घाव लगे
एसएसपी ने बताया कि शारिक ने छेड़खानी पीड़ित लड़की के भाई को फंसाने के लिए अपने दोस्त शहनवाज को पांच हजार रुपये देकर खुद को चोट लगवाई और गोली मारने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन मेडिकल जांच में मामला खुल गया। मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद शारिक ने अपने दोस्त जगतपुर निवासी अमन अंसारी के मोबाइल से आईडी डिलीट कराकर साक्ष्य मिटा दिया। पुलिस की छानबीन में असलियत सामने आने के बाद शारिक के साथ उसके साथी अंकित शर्मा, बबलू, सैफ, अमन अंसारी और शहनवाज को भी गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि शारिक की ओर से दर्ज कराए गए दोनों फर्जी केस एक्सपंज किए जाएंगे।
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