गोबर से बनाई जा रही गैस
प्लांट के प्रबंधक बीपी सिंह ने बताया कि यहां गोबर जमा कर उसकी गैस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। प्लांट चालू होने के बाद इस गैस को रसोई गैस के रूप में और अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जा सकेगा।
चाचा की जगह काम करने आया था रिशु
साथी मजदूरों ने बताया कि रिशु के चाचा रविंद्र इसी प्लांट में काम करते थे। कुछ दिन पहले काम के दौरान उनका हाथ कट गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी जगह काम करने के लिए रिशु को बुलाया था। अब रिशु की मौत से उसका परिवार सदमे में है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसका शव ले गए।
आसिफ बोला- हम तो बचाने में फंस गए
आसिफ ने बताया कि वह तो नीचे लोडर चला रहा था। ऊपर प्रिंस व रिशु चीखे तो उसे लगा कि उन्हें करंट लगा है। वह उनको बचाने सीढ़ी से ऊपर पहुंचा तो उसका दम सा घुटने लगा। तब वह घबराकर ऊपर से कूद पड़ा। इसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई। एसडीएम फरीदपुर निधि डोडवाल ने बताया कि बायो गैस प्लांट का निरीक्षण किया गया। हादसे की वजह जानने के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है।