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लॉकडाउन से फंसी बिहार की महिला बच्चों के साथ नहीं लौट सकी घर

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लॉकडाउन में फंसा बिहार का परिवार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। लॉकडाउन से पहले बिहार से आई एक महिला अब तक घर नहीं जा पाई है। उसके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। महिला बृहस्पतिवार को डीएम के पास पहुंची। इसके बाद उसे तहसील भिजवा दिया गया। तहसीलदार ने महिला और उसके बच्चे को हरूनगला शेल्टर होम भिजवा दिया है। उनका कहना है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जल्द ही उसे उसके घर भिजवा दिया जाएगा।
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पूर्णिया जिले की लीलावती नाम की एक महिला के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह बताती है कि लॉकडाउस से पहले यहां आई थी लेकिन पति की मानसिक हालत ठीक नहीं है। वह कहीं चला गया। इससे वह बच्चों के साथ यहां ही फंसी हुई है। कई बार कोशिश की गई लेकिन उसे घर नहीं भिजवाया जा सका है। डीएम बंगले पर पहुंचने पर स्टाफ ने उसे तहसील भेज दिया। तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने बच्चों को भूखा देखकर पहले कम्युनिटी किचन से उसे खाना दिया। इसके बाद उसे हरूनगला में शेल्टर होम में भिजवा दिया गया है। तहसीलदार का कहना है कि बच्चे गर्मी और भूख से काफी बिलख रहे थे। इसलिए उनके ठहरने का इंतजाम अभी करा दिया गया है। रेलवे अधिकारियों से बात हो गई है। जल्द ही महिला और बच्चों को बिहार भिजवाने का इंतजाम किया जाएगा।
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