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Bharat Bandh: शाहजहांपुर में किसान नेताओं ने फ्री कराया टोल; जानें बरेली-पीलीभीत में कैसा है भारत बंद का असर

Fri, 16 Feb 2024 01:03 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर / पीलीभीत

सार

किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। बरेली मंडल में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। शाहजहांपुर के खुटार में किसान नेताओं ने हिटौटा टोल प्लाजा को फ्री करा दिया। उधर, पीलीभीत जिले में भी किसानों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। हालांकि बरेली में भारत बंद का असर देखने को नहीं मिला है। 
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हिटौटा टोल प्लाजा पर जुटे किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान संगठनों ने  एमएसपी की गारंटी के साथ 11 अन्य मांगों को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है। इसका असर शाहजहांपुर जिले में देखने को मिला है। किसान आंदोलन के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के पदाधिकारियों ने तमाम किसानों के साथ खुटार-पूरनपुर हाईवे पर स्थित हिटौटा टोल प्लाजा को दोपहर 12 बजे से फ्री कर दिया है। किसान संगठन के पदाधिकारी 11:30 बजे टोल प्लाजा पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। 

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इसके बाद दोपहर 12 बजे से टोल के दोनों तरफ की एक-एक लाइन को खुलवाकर वाहनों को बिना शुल्क दिए निकलवाने लगे। किसानों ने कहा कि एमएसपी सहित सभी मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शुक्रवार को किसान संगठनों की अपील पर टोल नाके को फ्री कराया गया है। टोल पर भारी संख्या में पुलिस मौजूद है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने किसान नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। टोल पर मौजूद किसानों ने सरकार विरोधी और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। 

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मथना जपती में दुकानें बंद
पीलीभीत जिले में एमएसपी और अन्य मांगों को लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद का असर शहर में तो नजर नहीं आया। लेकिन कलीनगर तहसील के सिख बहुल गांव मथना जपती में भारत बंद के समर्थन में बाजार बंद की गईं। भाकियू टिकैत गुट के युवा जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी के नेतृत्व में किसान भारत बंद के समर्थन में आए। वहीं कलीनगर और माधोटांडा आदि के बाजार खुले हैं।
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किसानों ने धरना प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की
बरेली में संयुक्त किसान मोर्चा ने ग्रामीण एवं औद्योगिक भारत बंद का समर्थन करते हुए शुक्रवार को दोपहर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। दामोदर पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया। पैदल मार्च कते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते मांग पत्र एडीएम सिटी सौरभ दुबे को सौंपा गया। न्यूतनम समर्थन मूल्य की गारंटी मांगी। दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर बल प्रयोग को गलत ठहराया।

धरनास्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार, मज़दूरों और किसानों को धर्म और जाति के आधार पर विभाजित कर रही है। हमें एकजुट होकर संघर्ष से जवाब देना होगा। मज़दूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करते हुए श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव बंद किए करने की मांग की। क्रांतिकारी किसान मंच, इंकलाबी मजदूर केंद्र, खेत मजदूर यूनियन, किसान एकता संघ, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, एटक, इंटक, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, ऑटो रिक्शा टेंपो चालक वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, सीटू के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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