एसडीएम के नोटिस के बाद भी न मंडी प्रशासन ने नहीं भेजी रिपोर्ट
बरेली। बभिया में पांच दिन पहले बड़े पैमाने पर राशन पकड़े जाने के बाद सरकारी सिस्टम की चुप्पी से रहस्य और गहराता जा रहा है। इस प्रकरण में अब तक कोई कार्रवाई तो दूर अफसरों ने यही साफ नहीं किया है पकड़ा गया राशन कहां से आया था। इस बीच पूर्ति विभाग ने यह कहकर आढ़ती को क्लीन चिट दे दी है कि राशन कोटे की किसी दुकान का नहीं था मगर मंडी की ओर से अब तक जांच रिपोर्ट प्रशासन से पास नहीं पहुंची है।
रविवार को बभिया चौकी की पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर जांच की तो उसमें राशन से भरे 460 कट्टे पाए थे। पूछताछ में बताया गया कि यह राशन क्यारा के एक आढ़ती का है। इसके बाद पुलिस और पूर्ति विभाग की टीम क्यारा में एक निजी गोदाम पर भी छापा मारा जहां राशन की कई और बोरियां बरामद हुईं। पकड़ा गया राशन फिलहाल पुलिस के कब्जे में है। इस बीच सप्लाई इंस्पेक्टर ललित श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय कोटेदारों की स्टॉक चेक किया और फिर यह कहते हुए आढ़ती को अपनी तरफ से क्लीन चिट दे दी कि पकड़ा गया राशन कोटे की दुकानों का नहीं है।
इसके बाद एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने मंडी समिति से रिपोर्ट मांगी थी कि जिस आढ़ती का राशन बताया जा रहा है, उसके पास मंडी का लाइसेंस है या नहीं। यह भी पूछा था कि आढ़ती के पास अगर लाइसेंस है तो उसने मंडी में राशन का कोई शुल्क जमा किया था या नहीं। मंडी समिति प्रशासन की ओर से अब तक एसडीएम के इन सवालों का जवाब नहीं मिला है। पूर्ति विभाग, मंडी, प्रशासन और पुलिस चारों विभाग पांच दिन बाद भी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि पकड़ा गया राशन कहां से आया था और कहां जा रहा था।
नोटिस के बावजूद आढ़ती ने नहीं दिया बयान
एसडीएम ने तीन दिन पहले इस मामले में आढ़ती को भी नोटिस देकर अपनी स्थिति स्प्ष्ट करने को कहा था। बताते हैं कि एक दिन आढ़ती तहसील आया लेकिन एसडीएम के छुट्टी पर होने के कारण उसका बयान नहीं हो पाया। अगले दिन एसडीएम लौट आए लेकिन फिर वह बयान देने नहीं पहुंचा। लिहाजा मामला जहां के तहां अटका हुआ है।
इस मामले में मंडी प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी थी लेकिन अभी स्थिति साफ नहीं हुई है। इस मामले में मंडी के अधिकारियों से फिर बात करूंगा। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर